मासूम की हत्या के आरोपित माता-पिता के खिलाफ गुस्सा

नवभारत टाइम्स

लखनऊ के लाजपत नगर में एक मासूम बेटे की उसके माता-पिता द्वारा बेरहमी से की गई हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपित दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। साक्ष्य जुटाने के लिए जब पुलिस उन्हें घर ले गई तो स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने आरोपितों को पीटने का प्रयास किया।

anger erupts against parents accused of murdering a toddler police arrest them
लखनऊ के चौक इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक वकील पिता और उसकी दूसरी पत्नी ने अपने ही मासूम बेटे की बेरहमी से पिटाई कर उसकी जान ले ली। जब पुलिस सबूत इकट्ठा करने के लिए आरोपी माता-पिता को उनके घर ले गई, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोगों ने आरोपियों को पीटने की कोशिश की और उन्हें पुलिस के हवाले करने की मांग की। पुलिस ने किसी तरह हालात संभाले और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कोर्ट से उनकी 14 दिन की रिमांड मांगी गई है और मामले की जांच जारी है।

चौक थानाक्षेत्र के लाजपत नगर में रहने वाले वकील भीष्म ने अपनी दूसरी पत्नी रागिनी के साथ मिलकर अपने छोटे बेटे अरनव को गुरुवार को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई। इस वारदात के बाद, बच्चों के माता-पिता ने पुलिस से बचने के लिए यह कहानी गढ़ी कि उनका बेटा बीमार था। लेकिन बच्चे की नानी सुधा को शक हुआ। उन्होंने जब अरनव के कपड़े उतारे तो उसके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान देखकर वे हैरान रह गईं। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें साफ हो गया कि बच्चे की मौत पिटाई से हुई थी। नानी सुधा की शिकायत पर पुलिस ने भीष्म और रागिनी को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार को पुलिस जब सबूत इकट्ठा करने के लिए आरोपी पति-पत्नी को उनके घर ले गई, तो आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए। लोगों का गुस्सा इतना भड़क गया कि वे आरोपियों को पीटने के लिए आगे बढ़ने लगे। कुछ लोग तो गेट फांदकर अंदर जाने की कोशिश करने लगे। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। करीब एक घंटे तक पुलिस ने घर के अंदर सबूत जुटाने का काम किया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई चीजें जैसे झाड़ू, वाइपर, सब्जी काटने वाला चाकू, स्केल, बेल्ट और रस्सी बरामद की हैं।

जब पुलिस आरोपियों को घर से बाहर लेकर निकली, तो भीड़ और उग्र हो गई। कई लोगों ने उन्हें पीटने की कोशिश की और खूब गालियां दीं। लोगों ने मांग की कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। पुलिस ने सुरक्षा का घेरा बनाकर दोनों को भीड़ से बचाया और वहां से बाहर निकाला।

स्थानीय निवासी अमन ने बताया कि भीष्म और रागिनी का मोहल्ले में किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं था। वे अपने बेटे अरनव को भी घर से बाहर खेलने के लिए नहीं जाने देते थे। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोग इस निर्मम हत्या से बेहद गुस्से में हैं और आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को न्याय मिल सके।