Contract Outsourced Workers To Also Receive Funeral Assistance Transport Corporations Proposal
अब संविदा आउटसोर्सकर्मियों को भी अंतिम संस्कार राशि
नवभारत टाइम्स•
परिवहन निगम संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी अंतिम संस्कार सहायता राशि देने की तैयारी में है। यह राशि नियमित कर्मचारियों की तरह ही दी जाएगी। वर्तमान में नियमित कर्मचारियों को पांच हजार रुपये मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर दस हजार रुपये करने का भी प्रस्ताव है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम अपने संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी बड़ी राहत देने की तैयारी में है। निगम मुख्यालय ने 13 मार्च को वित्त नियंत्रक को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर इन कर्मचारियों के परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। यह कदम नियमित कर्मचारियों के समान सुविधा देने के उद्देश्य से उठाया गया है, और साथ ही नियमित कर्मचारियों के लिए मिलने वाली सहायता राशि को दोगुना करने का भी प्रस्ताव है।
परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) अंकुर विकास ने वित्त नियंत्रक को यह प्रस्ताव भेजते हुए इसे जल्द लागू करने की अपील की है। वर्तमान में, निगम के नियमित कर्मचारियों की सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार के लिए 5,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। अब इस राशि को बढ़ाकर 10,000 रुपये करने पर भी विचार किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सुविधा का लाभ संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी मिले, जो निगम के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं।परिवहन निगम में करीब 35 हजार से अधिक संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न सेवाओं में कार्यरत हैं। यह प्रस्ताव यदि मंजूर हो जाता है, तो इन सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। लंबे समय से इन कर्मचारियों की ओर से ऐसी सामाजिक सुरक्षा से जोड़े जाने की मांग उठ रही थी। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला वित्त विभाग और निगम प्रशासन मिलकर लेंगे।
यह कदम निगम के उन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा जो अपनी जान जोखिम में डालकर निगम की सेवा करते हैं। ड्यूटी के दौरान किसी भी अनहोनी की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सहारा मिलेगा, जिससे उन्हें कुछ हद तक संबल प्राप्त होगा। यह प्रस्ताव निगम के कर्मचारियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
वित्त नियंत्रक को भेजे गए पत्र में, प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) अंकुर विकास ने इस प्रस्ताव के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा है कि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी भी निगम का अभिन्न अंग हैं और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए, नियमित कर्मचारियों के समान उन्हें भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। यह न केवल उनके परिवारों के लिए आर्थिक मदद होगी, बल्कि उनके मनोबल को भी बढ़ाएगी।
यह प्रस्ताव निगम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता देता है। उम्मीद है कि वित्त विभाग और निगम प्रशासन इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देकर इसे लागू करेंगे, ताकि हजारों कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके। यह कदम उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को एक जिम्मेदार नियोक्ता के रूप में स्थापित करेगा।