5 बिल्डरों के यहां चौथे दिन भी IT की जांच जारी

नवभारत टाइम्स

आयकर विभाग की टीमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पांच बिल्डरों के कमर्शल प्रोजेक्ट्स की जांच कर रही हैं। यह जांच चौथे दिन भी जारी रही। शोरूम और दुकानों के खरीदारों के पैसे के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। बिल्डरों के रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।

its grip on 5 builders in noida greater noida investigation continues on the fourth day
आयकर विभाग की टीमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पांच बिल्डरों के कमर्शल प्रोजेक्ट्स की जांच चौथे दिन भी जारी रखे हुए हैं। यह जांच इस बात पर केंद्रित है कि शोरूम और दुकानें खरीदने वालों के पास पैसा कहां से आया। बिल्डरों के रिकॉर्ड में दिखाई गई संपत्तियों की बिक्री के लिए भुगतान किन खातों से और कितनी राशि में हुआ, इसका मिलान भी टीमें कर रही हैं। यह कार्रवाई काले धन को खपाने और कर चोरी दोनों के इनपुट पर चल रही है। इस मामले के तार बांदा में खनन कारोबारी के ठिकानों से भी जुड़ रहे हैं। आयकर विभाग की टीमें ग्रेनो वेस्ट स्थित एक कमर्शल प्रोजेक्ट में विशेष रूप से गहनता से पड़ताल कर रही हैं। आयकर विभाग ने बुधवार सुबह देशभर में एक साथ 35 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

आयकर विभाग के अधिकारी बिल्डरों के खातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि खरीदारों ने इतनी बड़ी रकम कैसे जुटाई। बिल्डरों के रिकॉर्ड में जिन संपत्तियों की बिक्री दर्ज है, उन पैसों का स्रोत क्या है, यह भी जांच का अहम हिस्सा है। आयकर विभाग को शक है कि इन प्रोजेक्ट्स में काले धन को सफेद करने का खेल चल रहा है। साथ ही, कर चोरी के इनपुट भी मिले हैं, जिस पर विभाग गंभीरता से काम कर रहा है।
यह बड़ी कार्रवाई सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक ही सीमित नहीं है। इसके तार बांदा में खनन का काम करने वाले एक बड़े कारोबारी से भी जुड़े हैं। आयकर विभाग की टीमें बांदा में भी संबंधित ठिकानों पर जांच कर रही हैं। ग्रेनो वेस्ट में एक कमर्शल प्रोजेक्ट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां जांच टीमें हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।

आयकर विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई बुधवार की सुबह शुरू की थी। देशभर में एक साथ 35 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस कार्रवाई से रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है। विभाग का मकसद काले धन पर अंकुश लगाना और कर चोरी को रोकना है।