Kanpur Road Accident Bus Overturns After Colliding With Truck 2 Dead Many Injured
ट्रक से टकराकर बस पलटी, दो की मौत
नवभारत टाइम्स•
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार बस ट्रक से टकराकर पलट गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं बांदा और गोंडा में भी सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान गई। इन घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया है।
कानपुर में दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे पर शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ। पनकी थाना क्षेत्र के सरायमीता के पास एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई और पलट गई। इस हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान देर शाम एक और यात्री ने दम तोड़ दिया। यह बस महाराष्ट्र के नासिक से यात्रियों को उज्जैन दर्शन कराकर अयोध्या ले जा रही थी और इसके बाद नेपाल जाने का कार्यक्रम था।
हादसे के बाद आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को हैलेट और कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।इसी बीच, बांदा में भी एक दुखद सड़क हादसा हुआ। देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत महोखर में शनिवार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूल से घर लौट रहे दो छात्रों की साइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
वहीं, गोंडा जिले में शुक्रवार देर रात एक और सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई। इटियाथोक थाना क्षेत्र के ग्राम तेलियानी निवासी सुरेश कुमार (35) बकठोरवा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। जब वे बाइक खड़ी करके समारोह स्थल की ओर सड़क पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें कुचल दिया और चालक मौके से फरार हो गया। अस्पताल ले जाते समय सुरेश कुमार ने दम तोड़ दिया।
ये तीनों घटनाएं दर्शाती हैं कि कैसे तेज रफ्तार और लापरवाही सड़कों पर जानलेवा साबित हो रही है। चाहे वह यात्रियों से भरी बस हो या स्कूल के बच्चे, या फिर शादी में जा रहा कोई युवक, किसी की भी जान जा सकती है। ऐसे हादसों से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन करना और सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। पुलिस और प्रशासन भी ऐसे हादसों को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इन घटनाओं ने कई परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है और समाज को सोचने पर मजबूर किया है कि हम अपनी सड़कों को कैसे सुरक्षित बना सकते हैं।