‘अगले 20 साल पृथ्वी विज्ञान के लिए अहम’

नवभारत टाइम्स

लखनऊ विश्वविद्यालय में जियोकॉन-2026 संगोष्ठी संपन्न हुई। भू-वैज्ञानिकों ने कहा कि अगले बीस साल पृथ्वी विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रयोग क्रांतिकारी होंगे। वैज्ञानिकों का मुख्य उद्देश्य धरती को बचाना और संवारना है। यह समय पृथ्वी के संरक्षण के लिए निर्णायक साबित होगा।

next 20 years crucial for earth science geoscientists express concern emphasize conservation
लखनऊ विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग में दो दिन चली ' जियोकॉन-2026 ' नाम की राष्ट्रीय संगोष्ठी शनिवार को खत्म हो गई। इस संगोष्ठी में देश भर के भू-वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विज्ञान का असली मकसद पृथ्वी को बचाना होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि आने वाले बीस साल अंतरिक्ष और पृथ्वी विज्ञान के लिए बहुत खास होंगे।

भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला अहमदाबाद के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज ने बताया कि अभी जो प्रयोग किए जा रहे हैं, वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए बहुत बड़े बदलाव लाएंगे। IUAC नई दिल्ली के निदेशक प्रो. अविनाश चंद्र पांडे ने कहा कि वैज्ञानिकों का सबसे ज़रूरी काम धरती को सुरक्षित रखना और उसे बेहतर बनाना है।
इस संगोष्ठी में भू-वैज्ञानिकों ने साफ तौर पर कहा कि विज्ञान की तरक्की का आखिरी लक्ष्य पृथ्वी का संरक्षण ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अगले दो दशक अंतरिक्ष और पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे।