Noida Factory Fire Employee Upendra Still Missing On The Third Day Family In Distress
तीसरे दिन भी कर्मचारी उपेंद्र का नहीं मिल पाया कोई सुराग
नवभारत टाइम्स•
नोएडा के सेक्टर-4 में एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना को तीन दिन बीत चुके हैं। फैक्ट्री में काम करने वाले उपेंद्र का अभी तक कोई पता नहीं चला है। उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। फायर ब्रिगेड की टीम बेसमेंट में उपेंद्र की तलाश कर रही है। धुआं और पानी भरने से उन्हें मुश्किल हो रही है।
नोएडा के सेक्टर-4 स्थित एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन वहां काम करने वाले उपेंद्र (कन्नौज) का अभी तक कोई पता नहीं चला है। उपेंद्र के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। फायर ब्रिगेड की टीम लगातार बेसमेंट में उपेंद्र की तलाश कर रही है, लेकिन वहां भरे धुएं और पानी की वजह से कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। गुरुवार सुबह 6 बजे तक उपेंद्र के फोन की लोकेशन सेक्टर-4 में ही थी, लेकिन उसके बाद फोन बंद हो जाने से लोकेशन भी मिलनी बंद हो गई।
बेटे के घर न पहुंचने से उसके पिता श्रवण कुमार लगातार पुलिस और प्रशासन से अपने बेटे को खोजने की गुहार लगा रहे हैं। अधिकारी उन्हें आग पूरी तरह बुझने का इंतजार करने की बात कहकर घर भेज देते हैं। पिता श्रवण कुमार का कहना है कि उनका बेटा तीन दिन से लापता है और पुलिस-प्रशासन सिर्फ झूठे आश्वासन दे रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उपेंद्र बिल्डिंग में ही फंसा रह गया हो तो उन्हें बता दिया जाए, ताकि परिवार को और परेशान न होना पड़े। उपेंद्र के छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता की याद में खाना भी नहीं खा रहे हैं।फैक्ट्री में आग लगने की घटना के तीसरे दिन भी उपेंद्र का कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार बेहद परेशान है और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है। फायर ब्रिगेड की टीम बेसमेंट में खोजबीन कर रही है, लेकिन वहां की स्थिति बेहद खराब है। धुएं और पानी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। उपेंद्र के फोन की आखिरी लोकेशन भी उसी इलाके में मिली थी, जिसके बाद से उसका फोन बंद है।
पिता श्रवण कुमार ने बताया कि उनका बेटा तीन दिनों से लापता है और उन्हें प्रशासन से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। वे बस इंतजार करने को कह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उपेंद्र बिल्डिंग में ही है तो उन्हें बता दिया जाए, ताकि वे कम से कम यह जान सकें कि उनका बेटा कहां है। उपेंद्र के बच्चे अपने पिता के बिना बहुत दुखी हैं और उन्होंने खाना-पीना भी छोड़ दिया है। यह पूरा परिवार इस मुश्किल घड़ी में उपेंद्र की तलाश में जुटा हुआ है।