टारगेट पर थे दो राज्यों के रेलवे स्टेशन, आर्मी एरिया

नवभारत टाइम्स

दिल्ली और हरियाणा के रेलवे स्टेशन और आर्मी हेडक्वॉर्टर को निशाना बनाने की योजना थी। पुलिस ने 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनसे 8 मोबाइल बरामद हुए हैं। जांच में पता चला है कि ये लोग संवेदनशील इलाकों की वीडियो और फोटो बाहर भेज रहे थे। गैंग का सरगना सरदार है, जो विदेश में बैठा है।

railway stations and army areas of delhi haryana were on the radar of suspects 6 arrested
दिल्ली और हरियाणा के रेलवे स्टेशनों और आर्मी हेडक्वार्टर को निशाना बनाने वाले एक बड़े जासूसी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 8 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इन मोबाइलों की जांच से पता चला है कि यह गिरोह भारत की संवेदनशील जगहों की वीडियो और फोटो बनाकर विदेश में बैठे अपने सरगना को भेज रहा था। इस गिरोह का अंतरराष्ट्रीय सरगना 'सरदार' के नाम से जाना जाता है, जबकि भारत में इसका सरगना सुहेल है और को-ऑर्डिनेटर साने इरम है। साने इरम लोगों को पैसे का लालच देकर गिरोह में शामिल करती थी, और 'सरदार' उन्हें काम सौंपता था।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य दिल्ली रेलवे स्टेशन और आर्मी कैंट जैसे इलाकों की वीडियो और फोटो बनाकर लोकेशन के साथ भेजते थे। आरोपियों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि वे मुंबई और राजस्थान भी गए थे और वहां के संवेदनशील इलाकों की जानकारी भी बाहर भेजी है।
गिरोह के सरगना सुहेल और को-ऑर्डिनेटर साने इरम की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी। सुहेल ने साने इरम को भारत में गिरोह के काम का तालमेल संभालने की जिम्मेदारी दी थी। साने इरम भारत में रहने वाले गरीब युवाओं को पैसे का लालच देकर गिरोह में शामिल करती थी।

पुलिस को मिले मोबाइल से दिल्ली रेलवे स्टेशन और आर्मी कैंट एरिया के वीडियो मिले हैं। इन वीडियो में लोकेशन और फोटो भी शामिल हैं, जिन्हें आरोपियों ने बाहर भेजा था। यह गिरोह सिर्फ दिल्ली-हरियाणा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि मुंबई और राजस्थान के संवेदनशील इलाकों की जानकारी भी बाहर भेजी गई है।

यह गिरोह भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर रहा था। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके विदेशी आकाओं का भी पता लगाया जा सके।