‘सात दिन में RTE के दाखिले नहीं, सब लीज व मान्यता होगी निरस्त’

नवभारत टाइम्स

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने निजी स्कूलों को आरटीई के तहत चयनित बच्चों का दाखिला सात दिन में करने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर स्कूलों की मान्यता और लीज रद्द कर दी जाएगी। जिले में 1163 स्कूलों में 12,200 सीटें हैं और 3,507 बच्चों को सीटें आवंटित हो चुकी हैं।

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ग्रेनोज़िलाधिकारी मेधा रूपम ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित बच्चों का दाखिला न लेने वाले निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि सात दिन के भीतर अगर स्कूलों ने इन बच्चों का एडमिशन नहीं लिया तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी और प्राधिकरण से सबलीज भी रद्द कर दी जाएगी। यह फैसला कलेक्ट्रेट सभागार में 90 से अधिक निजी स्कूलों के प्रबंधन के साथ हुई बैठक में लिया गया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि जिले में आरटीई के तहत 1163 स्कूल चिन्हित किए गए हैं। इन स्कूलों में कुल 12,200 सीटें उपलब्ध हैं। अब तक दो चरणों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें 3,507 बच्चों को सीटें मिल चुकी हैं। डीएम ने निर्देश दिया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के इन बच्चों को बिना किसी देरी के स्कूल में दाखिला मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एडमिशन में आनाकानी करना कानून का उल्लंघन है।
बैठक में कुल 119 स्कूलों को बुलाया गया था, जिनमें से लगभग 90 स्कूल शामिल हुए। जो स्कूल बैठक में नहीं आए, जैसे रामाज्ञा, लोटस वैली और डीपीएस-122, उन्हें नोटिस भेजा गया है। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग को इन दाखिलों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि समय सीमा खत्म होने के बाद जो स्कूल एडमिशन नहीं देंगे, उनकी सूची बनाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आरटीई कानून यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिले। इसके तहत निजी स्कूलों को कुछ सीटें इन बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होती हैं। जब स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करते, तो प्रशासन को ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं। यह कार्रवाई उन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है जिन्हें अच्छी शिक्षा का अधिकार है।