सीबीआई अफसर बनकर युवती से 35 हज़ार रुपये की धोखाधड़ी

नवभारत टाइम्स

साइबर ठगों ने सीबीआई अफसर बनकर एक युवती से 35 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने युवती को फर्जी अरेस्ट वारंट भेजकर जेल भेजने की धमकी दी। क्यूआर कोड स्कैन कराकर कई किस्तों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। युवती की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। ठगों की तलाश जारी है।

cbi officer poses as woman scams rs 35000 threatens with fake arrest warrant
बल्लभगढ़ में एक युवती के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर युवती को डराया और जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने युवती से जुर्माने के नाम पर कुल 35 हजार रुपये ठग लिए। यह ठगी क्यूआर कोड स्कैन कराकर कई किस्तों में की गई। युवती ने इस मामले की शिकायत साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई है।

यह घटना 13 मार्च को हुई जब बल्लभगढ़ की तिरखा कॉलोनी निवासी एक युवती अपने घर पर थी। तभी उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। उसने युवती से कहा कि उसके फोन से गलत वीडियो देखे गए हैं और इसी वजह से उसके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ है। ठग ने युवती को डराने के लिए वॉट्सऐप पर वारंट की फोटो भी भेजी।
पीड़िता के अनुसार, ठग ने कहा कि अगर वह 32 हजार रुपये का जुर्माना भर दे तो मामला यहीं खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर उसने पैसे नहीं दिए तो उसे 6 साल की जेल हो सकती है। युवती ने इन आरोपों को गलत बताया। तब ठग ने कहा कि वह 8 हजार रुपये दे दे। उसने यह भी कहा कि 500 रुपये जुर्माना काटकर बाकी पैसे वापस कर दिए जाएंगे।

इसके बाद ठग ने युवती को एक क्यूआर कोड भेजा। युवती ने उस क्यूआर कोड को स्कैन करके पांच बार में कुल 15 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और ठगों की तलाश शुरू कर दी है। साइबर ठगी के ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें ठग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं। लोगों को ऐसे कॉल्स से सावधान रहने की जरूरत है और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी या पैसे नहीं देने चाहिए। अगर कोई ऐसी कॉल आती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।