आउटसोर्स कर्मचारियों को जल्द मिलेगा बढ़ा मानदेय

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश में लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों की आय में वृद्धि होने वाली है। सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारी सेवा निगम के गठन के बाद मानदेय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। नए वित्तीय सत्र से कर्मचारियों को न्यूनतम 18 से 20 हजार रुपये और योग्यतानुसार 40 हजार रुपये तक मानदेय मिलेगा।

outsourced employees rejoice in up soon to get increased honorarium of 18 40 thousand
लखनऊ, यूपी में लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों की जिंदगी नए वित्तीय सत्र से बदलने वाली है। योगी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारी सेवा निगम के गठन के बाद अब इसके नियमों को ज़मीनी स्तर पर लागू करने की तैयारी तेज़ कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत, आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 से 20 हजार रुपये तय किया गया है, जो उनकी योग्यता और पद के हिसाब से 40 हजार रुपये तक जा सकता है। कुछ विभागों ने तो 1 अप्रैल से लागू होने वाले मानदेय बढ़ोतरी के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विभागों में 1.91 लाख से ज़्यादा आउटसोर्स कर्मचारी मानदेय पर काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों को कम वेतन मिलने, ज़रूरी सुविधाएं न मिलने और उनके शोषण की शिकायतों को देखते हुए ही योगी सरकार ने यूपी आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया था। पिछले साल सितंबर में कंपनी ऐक्ट के तहत इस निगम का पंजीकरण कराया गया था और अधिकारियों की नियुक्ति भी शुरू हो गई थी। फिलहाल, अमृता सोनी निगम की महानिदेशक हैं, और हाल ही में हुए तबादलों में संतोष कुमार को निगम का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है।
कुछ विभागों में न्यूनतम मानदेय बढ़ाने की प्रक्रिया अभी से शुरू हो गई है। उदाहरण के तौर पर, निर्वाचन कार्यालय में काम करने वाले मानदेय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 12,800 रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है। अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन कार्यालय और मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर काम करने वाले अनुसेवक, चपरासी और चौकीदार को हर महीने 18 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं, डेटा एंट्री ऑपरेटर, कॉल सेंटर ऑपरेटर, अनुवादक और वाहन चालकों का मानदेय बढ़ाकर 23,000 रुपये महीना कर दिया गया है। प्रोग्रामर और सांख्यिकी अधिकारी को 29,900 रुपये और सीनियर प्रोग्रामर को 37,400 रुपये महीना पारिश्रमिक मिलेगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी।

यह कदम आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। पहले उन्हें अक्सर कम वेतन और सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता था, जिससे उनका जीवन मुश्किल हो जाता था। इस नई व्यवस्था से न केवल उनके वेतन में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलने की भी उम्मीद है। सरकार का यह प्रयास कर्मचारियों के शोषण को रोकने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निगम के गठन और अधिकारियों की नियुक्ति से यह सुनिश्चित होगा कि नियमों का पालन ठीक से हो और कर्मचारियों को उनका हक मिले। यह बदलाव यूपी के लाखों कर्मचारियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।

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