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निर्माण नहीं, विध्वंस के रहे यूपी सरकार के नौ वर्ष: अजय राय
नवभारत टाइम्स•
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने राज्य सरकार के नौ साल को विकास के बजाय विध्वंस का काल बताया है। उन्होंने लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर के धंसने को भ्रष्टाचार का प्रमाण कहा। सूदखोरी, आत्महत्याएं और कानून व्यवस्था की विफलता पर भी सवाल उठाए गए। किसानों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया गया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने यूपी सरकार के नौ साल के कार्यकाल को ' विध्वंस के वर्ष' करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। लखनऊ में एक प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार की नीतियों और नाकामियों पर जमकर हमला बोला।
अजय राय ने लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर के उद्घाटन के अगले ही दिन सड़क धंसने को भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का जीता-जागता सबूत बताया। उन्होंने कहा कि 1519 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रही है। इसके अलावा, उन्होंने सूदखोरी की बढ़ती घटनाओं, फतेहपुर में एक परिवार की आत्महत्या, मोहनलालगंज में मानदेय न मिलने से रोजगार सेवक की आत्महत्या और बदायूं में सरकारी अधिकारियों की हत्या जैसी घटनाओं को कानून व्यवस्था की बदहाली का नतीजा बताया।कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि काशी के विकास के नाम पर उसकी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाया गया है। किसानों की दुर्दशा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आलू किसानों को उनकी लागत से भी कम दाम मिल रहे हैं और यूरिया की कालाबाजारी चरम पर है। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने स्कूलों में बच्चियों से मिड-डे मील बनवाने और अनाज के सड़ने जैसे गंभीर मामलों को उठाया।
प्रेस वार्ता में आगरा के किसानों ने भी अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक पर सूदखोरों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। अजय राय ने जोर देकर कहा कि पिछले नौ सालों में युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम जनता को सरकार से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ कागजों पर विकास दिखा रही है, जबकि हकीकत में लोग परेशान हैं। यह सरकार सिर्फ वादे करती है, उन्हें पूरा नहीं करती। जनता अब सरकार के झूठे वादों से तंग आ चुकी है।