शिक्षा नीति

नवभारत टाइम्स

शिक्षा नीति में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब कक्षा 9वीं और 10वीं में पास होने के नियम बदलेंगे। सत्र 2025-26 से कक्षा 9वीं और 2026-27 से कक्षा 10वीं में नए नियम लागू होंगे। छात्रों को संस्कृत, उर्दू या पंजाबी में से एक भाषा चुनना अनिवार्य होगा। दिव्यांगों को केवल एक विषय में छूट मिलेगी।

major change in education policy rules for 9th and 10th changed language selection mandatory
कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए पास होने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। यह नया नियम कक्षा 9वीं के लिए 2025-26 सत्र से और कक्षा 10वीं के लिए 2026-27 सत्र से लागू होगा। इस नई व्यवस्था के तहत, छात्रों को संस्कृत, उर्दू या पंजाबी में से कोई एक भाषा चुनना अब ज़रूरी होगा। साथ ही, दिव्यांग छात्रों को अब केवल एक विषय में ही छूट मिलेगी।

यह बदलाव छात्रों के शैक्षणिक सफर को प्रभावित करेगा। अब से, 9वीं और 10वीं के छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान एक अतिरिक्त भाषा का ज्ञान प्राप्त करना होगा। यह भाषा संस्कृत, उर्दू या पंजाबी में से कोई भी हो सकती है। यह कदम छात्रों को बहुभाषी बनाने और विभिन्न भाषाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दिव्यांग छात्रों के लिए भी नियमों में कुछ फेरबदल किए गए हैं। पहले जहां उन्हें कई विषयों में छूट मिल सकती थी, वहीं अब यह छूट केवल एक विषय तक सीमित कर दी गई है। इसका मतलब है कि दिव्यांग छात्रों को भी अब अधिक विषयों में अपनी क्षमता साबित करनी होगी।

ये बदलाव छात्रों को भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के तहत ये कदम उठाए जा रहे हैं ताकि छात्र अधिक ज्ञानवान और कुशल बन सकें।