राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने खान-पान की आदतों पर जताई चिंता, घर की रोटी बनाम बाज़ार की ब्रेड

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Navbharat Times
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोगों की खान-पान की आदतों पर चिंता जताते हुए कहा है कि लोग घर की एक दिन पुरानी रोटी खाने से कतराते हैं, लेकिन बाजार से पुरानी ब्रेड खरीदकर खाने में संकोच नहीं करते, जो स्वास्थ्य के लिए कहीं ज़्यादा हानिकारक हो सकती है। जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोगों को अपने खान-पान को लेकर ज़्यादा जागरूक होने की ज़रूरत है और स्वास्थ्य के लिए हमेशा ताज़े व पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। राज्यपाल ने बदलती जीवनशैली और बाज़ार पर बढ़ती निर्भरता के कारण लोगों की खान-पान की आदतों में आए बदलाव पर भी प्रकाश डाला और पैकेटबंद व लंबे समय तक रखे जाने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन में सावधानी बरतने की अपील की।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय घरों में अक्सर ताज़ी रोटी खाने की परंपरा रही है। अगर रोटी एक दिन पुरानी हो जाए तो कई लोग उसे खाना पसंद नहीं करते। लेकिन विडंबना यह है कि वही लोग बाज़ार में रखी हुई पुरानी ब्रेड को आसानी से खरीदकर खा लेते हैं। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि यह ब्रेड घर की पुरानी रोटी से कहीं ज़्यादा नुकसानदायक हो सकती है। राज्यपाल ने लोगों से अपील की कि वे भोजन की गुणवत्ता और ताज़गी पर ध्यान दें। घर में तैयार भोजन को ज़्यादा महत्व दें और अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
उन्होंने प्राकृतिक और पारंपरिक भोजन की आदतों को अपनाने पर भी ज़ोर दिया। राज्यपाल बागडे ने कहा कि बदलती जीवनशैली और बाज़ार पर बढ़ती निर्भरता के कारण लोगों की खाने की आदतों में बदलाव आया है। पैकेटबंद और लंबे समय तक रखे जाने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे भोजन की गुणवत्ता और ताज़गी पर ध्यान दें। घर में तैयार भोजन को अधिक महत्व दें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पारंपरिक खान-पान को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके लोग अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। राज्यपाल का यह बयान खान-पान और स्वास्थ्य को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने संबोधन के ज़रिए लोगों को जागरूक रहने और भोजन से जुड़े सही विकल्प चुनने का संदेश दिया। यह समझना ज़रूरी है कि बाज़ार में मिलने वाली ब्रेड में प्रिजर्वेटिव्स (संरक्षक) हो सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते, जबकि घर की ताज़ी रोटी में ऐसी कोई मिलावट नहीं होती। इसलिए, अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना और सही खान-पान की आदतें अपनाना बहुत ज़रूरी है।

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