राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई एसआईटी की जांच शुरू, 200 लोगों को नोटिस
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई एसआईटी की जांच शुरू, 200 लोगों को नोटिस
NewsPoint•
अयोध्या, 4 अगस्त। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के लिए Supreme Court के निर्देश पर एक नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम मंगलवार को अयोध्या पहुंच सकती है और मामले के हर पहलू की गहराई से जांच करेगी। जांच के आधार पर एसआईटी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इस नई एसआईटी का नेतृत्व Lucknow रेंज की आईजी किरण एस कर रही हैं। टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा, एसएसपी गौरव ग्रोवर, बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार और वित्तीय मामलों की जांच के लिए एक ऑडिटर भी शामिल हैं। यह टीम पुरानी एसआईटी से मिलकर नए सिरे से जांच शुरू करेगी।
नई एसआईटी राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड, बैंकिंग प्रक्रिया और अन्य संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल करेगी। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। एसआईटी ने मंदिर से जुड़े करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे समय पर अयोध्या में ही मौजूद रहें और कहीं बाहर न जाएं। Supreme Court के निर्देश के बाद गठित यह नई एसआईटी पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।Supreme Court के निर्देश के बाद राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच ने फिर से जोर पकड़ लिया है। नई एसआईटी के गठन के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि एसआईटी पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ कर सकती है। जांच के दौरान, मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले बैंक कर्मचारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
यह मामला तब सामने आया जब राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित तौर पर हेरफेर का आरोप लगा। इस आरोप के बाद Supreme Court ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक नई एसआईटी गठित करने का आदेश दिया। इस एसआईटी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी हो। टीम में शामिल सदस्य अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करके मामले की तह तक जाएंगे।
एसआईटी की कार्यप्रणाली में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। सबसे पहले, वे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। यह समझने की कोशिश की जाएगी कि चढ़ावे की राशि को कैसे सुरक्षित रखा जाता है और उसमें किसी भी तरह की सेंधमारी की गुंजाइश है या नहीं। इसके बाद, सभी अभिलेखों और रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी। इसमें चढ़ावे की रसीदों से लेकर जमा की गई राशि तक का पूरा हिसाब-किताब शामिल होगा।
बैंकिंग प्रक्रिया की भी बारीकी से पड़ताल की जाएगी। यह देखा जाएगा कि चढ़ावे की राशि को बैंक में कैसे जमा किया जाता है और उसमें किसी भी तरह की अनियमितता तो नहीं है। इसके अलावा, अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं कोई भी गड़बड़ी न हुई हो।
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है। यह पूछताछ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये लोग सीधे तौर पर मंदिर के प्रबंधन और चढ़ावे से जुड़े होते हैं। उनके बयानों से मामले को समझने में काफी मदद मिलेगी। सीसीटीवी फुटेज की जांच से भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। बैंक रिकॉर्ड और चढ़ावे से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच से भी यह पता चल सकेगा कि राशि का सही हिसाब-किताब रखा गया है या नहीं।
एसआईटी ने करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किया है। ये वे लोग हैं जो मंदिर की व्यवस्था से जुड़े हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे समय पर अयोध्या में ही मौजूद रहें। इसका मतलब है कि उन्हें किसी भी हाल में जनपद छोड़कर कहीं और नहीं जाना है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जांच के दौरान किसी भी गवाह या संबंधित व्यक्ति की अनुपस्थिति न हो।
Supreme Court के निर्देश के बाद गठित यह नई एसआईटी पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी। जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिले।
यह भी बताया गया है कि जांच के सिलसिले में एसआईटी पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ कर सकती है। अनिल मिश्रा का नाम इस मामले में पहले भी सामने आया था। जांच के दौरान, मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले बैंक कर्मचारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह सब मिलकर यह सुनिश्चित करेगा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए।