कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: राजेंद्र राजन्ना को झटका, मंत्री पद न मिलने पर जताई मायूसी

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Navbharat Times
मैसूर, 4 अगस्त: कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में जगह न मिलने से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) राजेंद्र राजन्ना निराश हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके नाम पर भी विचार किया जाएगा और उनके जिले को भी मंत्री पद मिलेगा, लेकिन पार्टी के फैसले का वे पूरा सम्मान करते हैं. वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीबी जयचंद्र ने भी मंत्री न बनाए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि सीनियर नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है या ईमानदार नेताओं को. यह कैबिनेट विस्तार सरकार गठन के करीब दो महीने बाद हुआ, जिसमें 20 नए मंत्री बनाए गए, लेकिन कई नेताओं में असंतोष साफ दिख रहा है.

राजेंद्र राजन्ना ने मैसूर में अपनी मां का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में अच्छी बारिश और लोगों की शांति व खुशी के लिए प्रार्थना की है. उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें कैबिनेट विस्तार में मौका मिलने की उम्मीद थी और उनके जिले को भी मंत्री पद मिलने की आशा थी. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का फैसला अंतिम है और वे उसका सम्मान करते हैं. राजन्ना ने कहा, "पार्टी जिसे भी मंत्री बनाएगी, हम उनके साथ मिलकर काम करेंगे." उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी की इच्छा होती है कि उसे मंत्री पद मिले, लेकिन इस बार उन्हें मौका नहीं मिला. उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री, केपीसीसी अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला ही सर्वोपरि है.
राजन्ना ने खुद को सीधी और सच्ची बात करने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि आज की राजनीति में कुछ लोग उनकी बातों का गलत मतलब निकाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगले चुनावों को देखते हुए पार्टी को और मजबूत करने के लिए काम किया जाना चाहिए और जिले के मुद्दों पर भी ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने अपने बयानों का कोई और मतलब न निकालने की अपील की और दोहराया कि वे पार्टी का पूरा सम्मान करते हैं और उसके फैसले के साथ हैं.

दूसरी ओर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नई दिल्ली में कर्नाटक सरकार के विशेष प्रतिनिधि टीबी जयचंद्र ने मंत्री न बनाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि सीनियर नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है या ईमानदार नेताओं को. मैं समझ नहीं पा रहा हूं. मैं दुखी हूं." सात बार विधायक रह चुके जयचंद्र ने बताया कि उनके समर्थकों और समुदाय के लोगों को उनसे कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद थी और अब वे उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. मंत्रियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लिस्ट देखकर उन्हें हैरानी होती है कि वे उन्हें अपना मंत्री कैसे कहें.

यह कैबिनेट विस्तार सोमवार को हुआ, जिसमें 20 नए मंत्रियों को शामिल किया गया. यह सरकार गठन के लगभग दो महीने बाद हुआ. इस विस्तार के बाद कई नेताओं में असंतोष का माहौल है, जो पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह को दर्शाता है. राजेंद्र राजन्ना और टीबी जयचंद्र जैसे नेताओं की प्रतिक्रियाएं इस असंतोष को उजागर करती हैं. पार्टी नेतृत्व के सामने अब इन नेताओं को शांत करने और एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है. यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इन असंतुष्ट नेताओं को कैसे संभालती है और भविष्य में इसका क्या असर पड़ता है.

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