लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन सेना के नए उप प्रमुख नियुक्त, जानिए उनका अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन सेना के नए उप प्रमुख नियुक्त, जानिए उनका अनुभव
NewsPoint•
नई दिल्ली, 1 जुलाई। भारतीय सेना में एक बड़ा फेरबदल हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन को सेना का नया उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ) बनाया गया है। उन्होंने 1 जुलाई को दिल्ली में अपना पदभार संभाल लिया है। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन का चार दशक लंबा फौज का सफर रहा है। उन्होंने कई मुश्किल जगहों पर कमान संभाली है और नेतृत्व, ऑपरेशन चलाने और रणनीति बनाने में माहिर हैं। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के छात्र रह चुके हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन को जून 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन मिला था। फौज में आने के बाद उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने कमांड, स्टाफ और ऑपरेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम सफलतापूर्वक किए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने रेगिस्तान जैसे इलाकों में एक पैदल सेना बटालियन की कमान संभाली। उन्होंने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान भी अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने एक स्ट्राइक कोर के तहत इन्फैंट्री ब्रिगेड, आतंकवाद से लड़ने वाले बल और उत्तरी कमान में एक पिवट कोर का नेतृत्व भी किया।उनके फौज के अनुभव में श्रीलंका में हुए ऑपरेशन पवन में हिस्सा लेना भी शामिल है। संयुक्त राष्ट्र के मिशनों में भी उनका योगदान बहुत खास रहा है। उन्होंने इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में एक सैन्य पर्यवेक्षक के तौर पर काम किया। साथ ही, दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के एक सेक्टर की कमान भी संभाली। इसके अलावा, उन्हें नियंत्रण रेखा (Line of Control) और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में तैनाती का अनुभव है। उन्होंने ऊंची हिमालयी इलाकों में भी कई बार काम किया है।
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोशन मिलने के बाद, उन्होंने उत्तरी कमान के तहत एक कोर की कमान संभाली। इसके बाद वे दक्षिणी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ बने। यहां उन्होंने सेना की ताकत बढ़ाने, सेना की संरचना को बेहतर बनाने और ऑपरेशन के लिए तैयार रहने में अहम भूमिका निभाई। सेना कमांडर बनने के बाद, उन्होंने दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर भी सेवाएं दीं।
अपने फौज के करियर में उन्होंने कई अलग-अलग मुख्यालयों और ढांचों में महत्वपूर्ण स्टाफ और ऑपरेशन से जुड़ी नियुक्तियां संभालीं। इन जिम्मेदारियों से उन्हें पारंपरिक युद्ध लड़ने, आतंकवाद से लड़ने वाले अभियानों, ऊंचाई वाले इलाकों में सेना की तैनाती, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों और अलग-अलग जगहों पर सेना को तैयार रखने का बहुत अनुभव मिला। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स और केन्या में राष्ट्रीय रक्षा पाठ्यक्रम भी पूरा किया है। उनकी बेहतरीन और खास सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और सेना पदक से नवाजा जा चुका है।
सेना के उप प्रमुख के तौर पर उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना खुद को आधुनिक बनाने, नई तकनीक अपनाने, थिएटर कमांड बनाने और भविष्य की लड़ाई की चुनौतियों के लिए अपनी ताकत को मजबूत करने पर खास ध्यान दे रही है। उनके पास ऑपरेशन का बहुत अनुभव है और वे नेतृत्व करने में माहिर हैं। इसलिए, उनसे सेना की युद्धक तैयारियों और संगठन में सुधारों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।