आरबीआई में रवि शंकर बने नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन विभाग की संभालेंगे कमान

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Navbharat Times
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रवि शंकर को नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है. यह नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है. रवि शंकर, जो पहले सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन विभाग (डीएसआईएम) में एडवाइजर-इन-चार्ज थे, अब इसी विभाग की निगरानी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर करेंगे. आरबीआई का मानना है कि उनके तीन दशक से अधिक के अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता से विभाग को और मजबूती मिलेगी.

आरबीआई ने एक आधिकारिक बयान जारी कर रवि शंकर की नियुक्ति की घोषणा की. यह पदोन्नति उनके लंबे और सफल करियर का नतीजा है. रवि शंकर एक अनुभवी केंद्रीय बैंकिंग सांख्यिकीविद् हैं. उन्होंने आरबीआई में 30 साल से भी ज्यादा समय बिताया है. इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है.
रवि शंकर ने कॉरपोरेट और बैंकिंग से जुड़े आंकड़ों, सरकारी प्रतिभूति बाजार, भुगतान प्रणाली, ऋण प्रबंधन और विभिन्न आर्थिक सर्वेक्षणों जैसे अहम कामों को संभाला है. इसके अलावा, वे मैक्रोइकोनॉमिक (समष्टि आर्थिक) आंकड़ों और नीतिगत मामलों से जुड़ी कई समितियों और कार्य समूहों का भी हिस्सा रहे हैं. मैक्रोइकोनॉमिक्स का मतलब है अर्थव्यवस्था का बड़े पैमाने पर अध्ययन.

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर रवि शंकर अब सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन विभाग (डीएसआईएम) की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे. यह खास बात है कि वे उसी विभाग का नेतृत्व करेंगे, जहां वे पहले एडवाइजर-इन-चार्ज के रूप में काम कर रहे थे. आरबीआई को उम्मीद है कि रवि शंकर के व्यापक अनुभव और तकनीकी ज्ञान से विभाग के काम में और भी सुधार होगा.

रवि शंकर की शैक्षणिक योग्यता भी काफी प्रभावशाली है. उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से सांख्यिकी में मास्टर डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ (आईईजी) से डेवलपमेंट पॉलिसी एंड प्लानिंग (विकास नीति और योजना) में डिप्लोमा भी किया है. वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) के सर्टिफाइड एसोसिएट (सीएआईआईबी) भी हैं. सीएआईआईबी एक खास तरह की बैंकिंग योग्यता है.

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