जगन गुर्जर हत्याकांड: अजमेर जेल की सुरक्षा पर सवाल, पैतृक गांव में कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार
जगन गुर्जर हत्याकांड: अजमेर जेल की सुरक्षा पर सवाल, पैतृक गांव में कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार
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जयपुर, 1 जुलाई (आईएएनएस)। डकैत जगन गुर्जर की अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई हत्या के बाद, उसका अंतिम संस्कार बुधवार को धौलपुर के पैतृक गांव भावुतिपुरा में कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया। जगन के बेटे आसाराम ने उसे मुखाग्नि दी। इस दौरान, जगन के तीन भाइयों, पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू सिंह को एसटीएफ की कड़ी निगरानी में जेल से लाया गया था, ताकि वे अपने भाई को आखिरी बार देख सकें। अंतिम संस्कार के बाद उन्हें तुरंत वापस जेल भेज दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 100 पुलिसकर्मी तैनात थे, और सुरक्षा की कमान एडिशनल एसपी श्रवण कुमार और सर्कल ऑफिसर महेंद्र कुमार ने संभाली।
यह घटना अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। परिवार का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जेल की बैरक के अंदर ही तौलिए से जगन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। दोनों खतरनाक कैदियों को एक ही बैरक में रखा गया था। इस घटना के बाद जगन के परिवार ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। अधिकारियों से बातचीत के बाद, परिवार पोस्टमार्टम के लिए सहमत हुआ, जो शव सौंपने से पहले अजमेर में किया गया।बाड़ी के पूर्व प्रधान पूरन सिंह ने इस घटना को "जेल प्रशासन की पूरी विफलता" करार दिया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जगन के बेटे आसाराम ने तो बाड़ी पुलिस स्टेशन के एसएचओ पर उसे एक क्रिमिनल केस में झूठा फंसाने का गंभीर आरोप भी लगाया है।
जगन का शव सुबह करीब 7:30 बजे भावुतिपुरा पहुंचा। अंतिम संस्कार के समय पूरा गांव एक किले में तब्दील हो गया था। नौ थानों की पुलिस, जिसमें सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालंगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया शामिल थे, पूरे इलाके में तैनात थी। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा खुद एडिशनल एसपी श्रवण कुमार और सर्कल ऑफिसर महेंद्र कुमार ले रहे थे।
जेल सुपरिटेंडेंट पारस जांगिड़ ने बताया कि बैरक के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में घटना से पहले जगन और विष्णु को सामान्य रूप से बातचीत करते देखा गया था। हालांकि, जांच करने वालों को सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगा मिला। इससे यह शक पैदा होता है कि रिकॉर्डिंग में जानबूझकर रुकावट डालने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा, पंखे से एक गमछा लटका हुआ मिला, जिससे यह संकेत मिलता है कि हत्या को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया गया था। यह सब मिलकर जेल के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। परिवार का कहना है कि जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण ही यह घटना हुई। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच हो और दोषियों को सजा मिले। इस घटना ने जेलों के अंदर कैदियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।