आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत रिश्वत मामले में सीबीआई की हिरासत में, अदालत ने एक दिन की रिमांड दी

NewsPoint
Navbharat Times
नई दिल्ली, 1 जुलाई। दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को 2012 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को कथित रिश्वत मामले में एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। गहलावत फिलहाल दिल्ली स्थित ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। सीबीआई ने उन्हें दिन में पहले गिरफ्तार किया था और राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। सीबीआई ने उनसे पांच दिन की हिरासत में पूछताछ की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए गहलावत को आगे की जांच के लिए एक दिन की हिरासत में भेज दिया।

गहलावत के वकील ने सीबीआई की हिरासत की मांग का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि आईपीएस अधिकारी पहले ही चार बार जांच में शामिल हो चुके हैं और उन्होंने पूरी जांच में सहयोग किया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि उनके बैंक खाते में कथित तौर पर जमा किए गए 50,000 रुपये उनकी पुरानी कार की बिक्री के लिए मिली अग्रिम राशि थी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी लोक सेवक रिश्वत की रकम अपने निजी बैंक खाते में नहीं लेगा।
सीबीआई के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने 8 जून को दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान, यह बात सामने आई कि गहलावत ने अवैध रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से संबंधित सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे मामलों में कुछ निजी व्यक्तियों को राहत दिलाने के लिए अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पहले, सीबीआई ने दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और छह अन्य निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।

यह मामला तब सामने आया जब सीबीआई ने 8 जून को दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत ने कथित तौर पर रिश्वत मांगी थी। गहलावत ने यह दावा किया था कि वह पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई के मामलों में कुछ लोगों को बचा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पहुँच का इस्तेमाल करने की बात कही थी।

सीबीआई ने गहलावत को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। सीबीआई की तरफ से पांच दिन की हिरासत की मांग की गई थी ताकि वे गहलावत से पूछताछ कर सकें और मामले की तह तक जा सकें। लेकिन अदालत ने सीबीआई की मांग को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया और गहलावत को सिर्फ एक दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। यह फैसला आगे की जांच के लिए लिया गया।

गहलावत के वकील ने अदालत में सीबीआई की हिरासत की मांग का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल ने पहले ही जांच में पूरा सहयोग किया है और चार बार जांच में शामिल हो चुके हैं। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि गहलावत के बैंक खाते में जो 50,000 रुपये जमा हुए थे, वह उनकी पुरानी कार बेचने के लिए मिली एडवांस राशि थी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कोई भी भ्रष्ट अधिकारी रिश्वत की रकम अपने निजी खाते में नहीं रखेगा।

इससे पहले, सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और छह अन्य निजी लोगों को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी मामले की जांच के दौरान हुई थी। अब आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत की गिरफ्तारी से इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को सजा दिलाई जा सके।

रेकमेंडेड खबरें