भारत और मलेशियाई नौसेना की 11वीं स्टाफ वार्ता नई दिल्ली में संपन्न, समुद्री सहयोग पर चर्चा
भारत और मलेशियाई नौसेना की 11वीं स्टाफ वार्ता नई दिल्ली में संपन्न, समुद्री सहयोग पर चर्चा
NewsPoint•
नई दिल्ली, 1 जुलाई। भारत और मलेशिया की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में बुधवार को 11वीं स्टाफ वार्ता का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर मिलकर काम करने, साझेदारी बढ़ाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि यह वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इस वार्ता की अध्यक्षता भारतीय नौसेना की ओर से रियर एडमिरल श्रीनिवास मद्दुला, एसीएनएस (एफसीआई) और रॉयल मलेशियाई नौसेना की ओर से असिस्टेंट चीफ ऑफ स्टाफ (ऑप्स एंड ट्रेनिंग) रियर एडमिरल दातो’ पहलवान मोहम्मद फजली कमाल बिन मोहम्मद मोहल्दीन ने की। दोनों देशों के अधिकारियों ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने, समुद्री क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया।यह स्टाफ वार्ता ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में मई महीने में भारतीय नौसेना का समुद्री अनुसंधान पोत आईएनएस सागरध्वनि मलेशिया के पोर्ट क्लैंग पहुंचा था। वहां उसने रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण बातचीत और सहयोग कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई पेशेवर और वैज्ञानिक स्तर की बातचीत हुई, जिसने आपसी समझ को बढ़ाया।
जब आईएनएस सागरध्वनि 13 मई को पोर्ट क्लैंग पहुंचा, तो रॉयल मलेशियाई नौसेना के अधिकारियों और जवानों ने गर्मजोशी से उसका स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के विशेषज्ञों ने आधुनिक हाइड्रोग्राफी (समुद्री नक्शे बनाने की तकनीक) की तकनीकों, समुद्री पर्यावरण पर हो रहे शोध और समुद्र विज्ञान (समुद्र से जुड़ी पढ़ाई) से जुड़ी नई तकनीकों के बारे में अपने ज्ञान और अनुभव को साझा किया। रॉयल मलेशियाई नौसेना के हाइड्रोग्राफिक विभाग की एक टीम ने भी आईएनएस सागरध्वनि का दौरा किया। उन्होंने जहाज पर मौजूद समुद्री अनुसंधान प्रणालियों को करीब से देखा और समझा।
भारतीय नौसेना ने यह भी बताया कि विशेषज्ञों के बीच हुए इस आदान-प्रदान कार्यक्रम में डेटा पर आधारित रखरखाव (तकनीकी उपकरणों की देखभाल), तकनीकी बदलावों का मूल्यांकन, नौवहन सुरक्षा (जहाजों के सुरक्षित चलने) के उपकरण और तकनीक से जुड़े फैसले लेने के तरीकों पर भी गहन चर्चा हुई। आईएनएस सागरध्वनि के कमांडिंग ऑफिसर ने मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त से कुआलालंपुर में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, जहाज के समुद्री अनुसंधान मिशन और दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
भारतीय नौसेना ने अपने एक बयान में कहा, “यह अभियान भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते समुद्री संबंधों को दर्शाता है। यह दोनों नौसेनाओं की क्षेत्रीय सहयोग, ज्ञान साझा करने और आपसी पेशेवर संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित करता है।”
भारत और मलेशिया के बीच रक्षा संबंध पिछले कई सालों से लगातार मजबूत हो रहे हैं। इन संबंधों की नींव साल 1993 में दोनों देशों के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते (एमओयू) से पड़ी थी। इस समझौते के तहत, दोनों देशों के बीच संयुक्त परियोजनाएं, रक्षा उत्पादन, खरीद, लॉजिस्टिक और रखरखाव सहयोग, और प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। साल 2023 में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मलेशिया यात्रा के दौरान, भारत और मलेशिया ने 1993 में हुए इस रक्षा समझौते में कुछ बदलाव करने पर भी सहमति जताई थी, जिससे यह सहयोग और भी प्रभावी हो सके।