भारत और मलेशियाई नौसेना की 11वीं स्टाफ वार्ता नई दिल्ली में संपन्न, समुद्री सहयोग पर जोर

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नई दिल्ली, 1 जुलाई: भारत और मलेशिया की नौसेनाओं ने समुद्री सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में अपनी 11वीं स्टाफ वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न की। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में मिलकर काम करने, समुद्री साझेदारी को गहरा करने और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। यह वार्ता दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का एक और अहम पड़ाव है, जो 1993 के रक्षा सहयोग समझौते पर आधारित है।

भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच यह 11वीं स्टाफ वार्ता 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस वार्ता की अध्यक्षता भारतीय नौसेना की ओर से एसीएनएस (एफसीआई) रियर एडमिरल श्रीनिवास मद्दुला और रॉयल मलेशियाई नौसेना की ओर से असिस्टेंट चीफ ऑफ स्टाफ (ऑप्स एंड ट्रेनिंग) रियर एडमिरल दातो’ पहलवान मोहम्मद फजली कमाल बिन मोहम्मद मोहल्दीन ने की। दोनों देशों के अधिकारियों ने समुद्री सहयोग को बढ़ाने, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की।
इस वार्ता से पहले, मई में भारतीय नौसेना का समुद्री अनुसंधान पोत आईएनएस सागरध्वनि मलेशिया के पोर्ट क्लैंग पहुंचा था। वहां उसने रॉयल मलेशियाई नौसेना के साथ कई सफल बातचीत और सहयोग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आईएनएस सागरध्वनि की इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों के बीच कई पेशेवर और वैज्ञानिक स्तर की बातचीत हुईं। 13 मई को जब आईएनएस सागरध्वनि पोर्ट क्लैंग पहुंचा, तो रॉयल मलेशियाई नौसेना के अधिकारियों ने गर्मजोशी से उसका स्वागत किया।

आईएनएस सागरध्वनि की यात्रा के दौरान, भारत और मलेशिया के अधिकारियों ने आधुनिक हाइड्रोग्राफी तकनीकों, यानी समुद्र की गहराई और बनावट को मापने की उन्नत विधियों, पर अपने ज्ञान को साझा किया। उन्होंने समुद्री पर्यावरण पर हो रहे शोध और समुद्र विज्ञान से जुड़ी नई तकनीकों पर भी चर्चा की। रॉयल मलेशियाई नौसेना के हाइड्रोग्राफिक विभाग की एक टीम ने भी आईएनएस सागरध्वनि का दौरा किया। उन्होंने जहाज पर मौजूद समुद्री अनुसंधान प्रणालियों को समझा और उनके कामकाज को जाना।

भारतीय नौसेना के अनुसार, विशेषज्ञों के बीच हुए इस आदान-प्रदान कार्यक्रम में डेटा आधारित रखरखाव, यानी डेटा का उपयोग करके उपकरणों की देखभाल, तकनीकी बदलावों का आकलन, नौवहन सुरक्षा उपकरणों और तकनीक से जुड़े फैसले लेने के तरीकों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। आईएनएस सागरध्वनि के कमांडिंग ऑफिसर ने मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त से कुआलालंपुर में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, जहाज के समुद्री अनुसंधान मिशन और दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर बातचीत हुई।

भारतीय नौसेना ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते समुद्री संबंधों को दर्शाता है। यह दोनों नौसेनाओं की क्षेत्रीय सहयोग, ज्ञान साझा करने और आपसी पेशेवर संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।

भारत और मलेशिया के बीच रक्षा संबंध पिछले कई वर्षों से लगातार मजबूत हुए हैं। इन संबंधों की नींव साल 1993 में दोनों देशों के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते (एमओयू) से पड़ी। इस समझौते के तहत, दोनों देशों के बीच संयुक्त परियोजनाएं, रक्षा उत्पादन, खरीद, लॉजिस्टिक और रखरखाव सहयोग तथा प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। 2023 में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मलेशिया यात्रा के दौरान, भारत और मलेशिया ने 1993 में हुए इस रक्षा समझौते में बदलाव करने पर सहमति जताई थी, जिससे भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।

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