भरत तिवारी की कथित हत्या: मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, FIR दर्ज

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भोजपुर, 1 जुलाई: बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी नाम के शख्स की कथित हत्या का मामला सामने आया है. भरत की मां ने पुलिस को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि उनके बेटे की मौत पुलिसकर्मियों की गोली से हुई और बाद में इस मामले को दबाने की कोशिश की गई. इसी शिकायत के आधार पर हत्या का केस दर्ज किया गया है. यह शिकायत 18 जून को पुलिस को सौंपी गई थी.

शिकायत के मुताबिक, भरत तिवारी 17 जून की सुबह करीब आठ बजे अपने घर पर थे. आरोप है कि उसी दौरान शाहपुर पुलिस चौकी प्रभारी और कुछ अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और भरत को अपने साथ ले गए. भरत की मां ने अपनी शिकायत में बताया है कि पुलिसकर्मियों ने भरत से कहा कि उन्हें जवइनिया में बाढ़ पीड़ितों के पास जाना है. पुलिस ने भरत को भरोसा दिलाया था कि वह पीड़ितों की समस्याएं बताएगा और उनका समाधान कराया जाएगा.
भरत तिवारी की मां ने अपनी शिकायत में लिखा है, “जवइनिया बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर मेरा बेटा संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवाज उठा रहा था. वह फेसबुक पर भी इन समस्याओं को दिखा रहा था.” उन्होंने आगे बताया कि जब भरत जवइनिया बाढ़ पीड़ितों के पास पहुंचा, तो उसने अपने हाथ में लिया हथियार पुलिस के सामने जमीन पर फेंक दिया. यह सब फेसबुक लाइव में भी दिख रहा था.

मां का आरोप है कि हथियार फेंकने के बाद भरत ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था. इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का देकर एक गड्ढे में गिरा दिया. इसके बाद जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर भरत तिवारी पर लगातार पांच गोलियां चलाई गईं. गोली लगने के बाद घायल भरत को पुलिस वाहन में डालकर ले जाया गया.

भरत तिवारी की मां ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके पति को पूरे दिन शाहपुर थाने में बिठाए रखा गया. शाम को पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि उनके बेटे की मौत हो गई है. अपनी शिकायत के आखिर में भरत तिवारी की मां ने घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके.

यह पूरा मामला भरत तिवारी की मां द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत पर आधारित है. शिकायत में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. भरत तिवारी बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे थे और फेसबुक पर भी इन मुद्दों को उठा रहे थे. पुलिस उन्हें पीड़ितों के पास ले गई और फिर कथित तौर पर गोली मार दी. इस घटना के बाद पुलिस पर मामले को दबाने का भी आरोप है. पुलिस ने भरत को यह कहकर ले गई थी कि वह पीड़ितों की मदद करेगा, लेकिन उल्टा उस पर गोलियां चला दी गईं. भरत की मां ने न्याय की गुहार लगाई है.

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