भाजपा प्रवक्ता का गांधी वाड्रा परिवार पर जमीन हड़पने का आरोप, उधमसिंह नगर मामला
भाजपा प्रवक्ता का गांधी-वाड्रा परिवार पर जमीन हड़पने का आरोप, उधमसिंह नगर मामला
NewsPoint•
नई दिल्ली, 2 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गुरुवार को गांधी-वाड्रा परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी-वाड्रा परिवार का असली काम राजनीति या व्यापार नहीं, बल्कि आम लोगों की जमीनें हड़पना है। भंडारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस की नेता हैं, जबकि उनके पति रॉबर्ट वाड्रा पर जमीन हड़पने के कई गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसियां कर रही हैं और कई मामले अदालतों में विचाराधीन हैं।
भंडारी ने "गांधी-वाड्रा मॉडल" का जिक्र करते हुए कहा कि इस मॉडल के तहत यह परिवार जमीन पर कब्जा करता है और अपनी संपत्ति बढ़ाता है। उन्होंने उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के किच्छा में खान फॉर्म एस्टेट की चार एकड़ जमीन का उदाहरण दिया। इस जमीन की मूल लैंड डीड कुलसुम खान के नाम पर है, और वहां उनकी 90 वर्षीय बहन नसरीन खान रहती हैं। भंडारी ने सवाल उठाया कि जो परिवार खुद को मुसलमानों का हितैषी बताता है, वह एक बुजुर्ग महिला की जमीन हड़पने की कोशिश कैसे कर सकता है।भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पार्टी से पूछा कि जो खुद को मुसलमानों और गरीबों का हितैषी होने का दावा करती है, वह गांधी-वाड्रा परिवार के फायदे के लिए अपने ही वोट बैंक को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि यह परिवार किसी की जमीन नहीं छोड़ता, चाहे वह 90 साल की बुजुर्ग महिला ही क्यों न हो। यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि कांग्रेस शासित कई राज्यों में गांधी-वाड्रा परिवार पर ऐसे ही आरोप लगे हैं।
प्रदीप भंडारी ने प्रियंका वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा से सीधा सवाल किया कि वे एक 90 साल की महिला की जमीन क्यों हड़पना चाहते हैं, जबकि जमीन के असली कागजात उनके नाम पर भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि गांधी-वाड्रा परिवार अपने "गुंडे जैसे विधायकों" के जरिए गरीबों की जमीनें हड़पना चाहता है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि इस परिवार ने आजादी की लड़ाई लड़ने वालों की जमीनें हड़पने और उनकी संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति बनाने की कोशिश की थी।
भंडारी ने देशवासियों को आगाह किया कि गांधी-वाड्रा परिवार जमीन हड़पने वाला परिवार है और वे किसी भी गरीब, बुजुर्ग, महिला या आम नागरिक की जमीन पर कब्जा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी रॉबर्ट वाड्रा जमीन के सौदों में शामिल होते हैं या वाड्रा परिवार के सदस्य जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें प्रियंका वाड्रा का राजनीतिक समर्थन मिलता है।
प्रियंका वाड्रा से उनका सीधा सवाल था कि वे महिलाओं के अधिकारों की बात करती हैं और "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" का नारा देती हैं, तो क्या वे अपनी ही भाभी की जमीन पर गैरकानूनी कब्जा करने के लिए किसी भी हद तक जाएंगी? उन्होंने पूछा कि क्या प्रियंका वाड्रा ने उस विधायक को फोन किया था जो इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था।
भंडारी ने समझाया कि इसका मतलब यह है कि अगर गांधी-वाड्रा परिवार की नजर किसी जमीन पर पड़ जाए, तो वे गुंडे भेजेंगे और बार-बार धमकाएंगे ताकि आम आदमी या कोई बुजुर्ग महिला खुद ही वह जमीन छोड़ दे और वे उस पर कब्जा कर लें। उन्होंने बताया कि 90 साल की बुजुर्ग नसरीन खान को धमकाया जा रहा है ताकि वह खुद ही उस चार एकड़ जमीन को छोड़कर चली जाएं। इसके बाद सिविल विवाद में यह दावा किया जाएगा कि असली कब्जेदार वहां मौजूद नहीं है, और इस तरह गांधी-वाड्रा परिवार उस जमीन पर कब्जा कर लेगा।
भंडारी ने कहा कि यह बात वे खुद नहीं कह रहे, बल्कि यह बात खुद नसरीन खान ने कही है और वे इसे सबके सामने रखना चाहते हैं। नसरीन खान का कहना है कि जब कांग्रेस के एक विधायक उस जमीन पर पहुंचे, जिस पर उनके मुताबिक सायरा वाड्रा कब्जा करना चाहती थीं, तो वे वहां मौजूद थीं। नसरीन खान ने कहा, "कांग्रेस के कुछ लोग आए हैं और वे वाड्रा परिवार के लिए मेरे खेत पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।"
यह पूरा मामला गांधी-वाड्रा परिवार के जमीन हड़पने के कथित "मॉडल" को उजागर करता है, जहां राजनीतिक प्रभाव और दबाव का इस्तेमाल करके आम लोगों की संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया जाता है। भाजपा प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि यह परिवार किसी भी वर्ग या व्यक्ति की जमीन को नहीं बख्शता, और देशवासियों को ऐसे कृत्यों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि कांग्रेस शासित राज्यों में ऐसे कई आरोप पहले भी लगे हैं, जो इस "मॉडल" की व्यापकता को दर्शाते हैं।
भंडारी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे प्रियंका वाड्रा, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती हैं, अपने परिवार के ऐसे कार्यों पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" का नारा देने वाली प्रियंका वाड्रा को यह बताना चाहिए कि क्या वे अपनी ही भाभी की जमीन पर गैरकानूनी कब्जा करने के लिए किसी भी हद तक जाएंगी। यह सवाल प्रियंका वाड्रा की कथनी और करनी के बीच के अंतर को उजागर करता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि नसरीन खान जैसे पीड़ितों के बयानों पर आधारित है। नसरीन खान ने खुद कहा है कि कांग्रेस के लोग वाड्रा परिवार के लिए उनके खेत पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह सीधा आरोप है जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह "गांधी-वाड्रा मॉडल" आम आदमी के लिए एक बड़ा खतरा है। यह मॉडल दिखाता है कि कैसे राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग करके गरीबों और कमजोरों की जमीनें छीनी जा सकती हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस तरह के कृत्यों के प्रति जागरूक रहें और ऐसे परिवारों को सत्ता से दूर रखें जो आम लोगों की संपत्ति पर नजर रखते हैं।
अंत में, प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक जमीन का नहीं है, बल्कि यह उस मानसिकता का प्रतीक है जो सत्ता और प्रभाव का इस्तेमाल करके दूसरों की संपत्ति पर कब्जा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो खुद को जनता का सेवक बताते हैं, लेकिन असल में उनकी जमीनें हड़पने की फिराक में रहते हैं।