दिव्यांगजन कोच में आग: पूर्वी रेलवे आरपीएफ ने पैसेंजर ट्रेन में आगजनी का रहस्य सुलझाया

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Navbharat Times
पूर्वी रेलवे के आरपीएफ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने पैसेंजर ट्रेन के दिव्यांगजन कोच में आग लगने की गुत्थी को सुलझा लिया है। यह घटना 21 जून को बरहरवा–अजीमगंज पैसेंजर ट्रेन में हुई थी। ट्रेन के बरहरवा स्टेशन से निकलते ही यात्रियों ने चेन खींच दी थी। इसके बाद ट्रेन रुकी और कोच में धुआं उठता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। आरपीएफ के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दिव्यांगजन कोच के शौचालय में पश्चिमी शैली के टॉयलेट पैन का जला हुआ फाइबर ढक्कन पाया। वहां कोई कागज या ज्वलनशील पदार्थ नहीं मिला, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया था। बरहरवा आरपीएफ पोस्ट ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

आरपीएफ टीम ने बरहरवा और साहिबगंज स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। फुटेज में संदिग्ध की पहचान उसके कपड़ों और चलने के तरीके से हुई। पूर्वी रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के निर्देश पर, आरपीएफ टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया। 29 जून को साहिबगंज स्टेशन पर उसी ट्रेन में संदिग्ध को पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने कोच में सिगरेट या बीड़ी पी थी। उसे बुझाने की कोशिश में उसने टॉयलेट के प्लास्टिक के ढक्कन पर रगड़ दिया, जिससे आग लग गई। घबराकर वह धीमी गति से चलती ट्रेन से कूदकर भाग गया था।
आरोपी को साहिबगंज की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पूर्वी रेलवे के अधिकारियों ने इस त्वरित कार्रवाई की खूब सराहना की है। आईजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा ने आरपीएफ टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच की तारीफ की। उन्होंने कहा, "आरपीएफ टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच की प्रशंसा की जाती है।" यह घटना दर्शाती है कि कैसे आरपीएफ अपनी सूझबूझ और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके अपराधों को सुलझाने में सक्षम है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में आरपीएफ ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। आरपीएफ लगातार ट्रेनों और स्टेशनों पर अपनी निगरानी बढ़ा रही है। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे ट्रेनों में धूम्रपान न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत आरपीएफ को दें। यह घटना एक सबक है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। आरपीएफ की यह सफलता यात्रियों के विश्वास को और मजबूत करती है।

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