राम मंदिर दान चोरी: वकीलों का मार्च, सपा का सरकार पर हमला

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Navbharat Times
राम मंदिर दान में कथित गबन के मामले में वकीलों ने अयोध्या में विरोध प्रदर्शन कर FIR दर्ज करने की मांग की है, जिस पर Samajwadi Party ने सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया है। सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि यह देश के लिए शर्म की बात है कि राम मंदिर के नाम पर जमा हुए चंदे की चोरी हो रही है और सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई तो वकील Supreme Court जाएंगे।

गुरुवार को अयोध्या में वकीलों ने एक बड़ा मार्च निकाला। उन्होंने चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। वकीलों ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे Supreme Court का दरवाजा खटखटाएंगे।
Samajwadi Party के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने इस मामले को बेहद घृणित बताया। उन्होंने कहा, "राम के नाम पर जमा चंदे की चोरी हो रही है, फिर भी Government कार्रवाई नहीं कर रही है। यह साफ दिखाता है कि Government कितनी निकृष्ट और पक्षपाती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले में बड़े-बड़े लोग शामिल हैं, इसलिए सरकार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है।

उदयवीर सिंह ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "या तो Chief Minister योगी आदित्यनाथ इनके साथ साझेदार हैं या फिर इनकी ताकत के आगे घुटने टेक चुके हैं।" उन्होंने आगे कहा, “Chief Minister को भाषण देने की जरूरत नहीं है, उन्हें कार्रवाई करके दिखानी चाहिए। अगर उनमें राम भक्ति और हिम्मत होती तो चोरी की खबर आते ही उसी दिन First Information Report दर्ज हो जाती। सभी बड़े नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती और आज तक सारा चंदा-चढ़ावा रिकवर भी हो चुका होता।"

सपा प्रवक्ता ने राम मंदिर ट्रस्ट पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों पर चोरी का आरोप है, उस ट्रस्ट की बैठक करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने मांग की कि सबसे पहले ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के संचालन के दौरान इतनी बड़ी घटना हुई है, इसलिए अब ट्रस्ट की कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।

उदयवीर सिंह ने भाजपा की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से किसान, मजदूर और युवाओं के मुद्दों पर गलत नीतियां अपनाती रही है। उन्होंने मनरेगा से लेकर पेपर लीक तक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये सब इसी मानसिकता का नतीजा हैं।

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