विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) का शुभारंभ: 125 दिनों के रोजगार की गारंटी
विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) का शुभारंभ: 125 दिनों के रोजगार की गारंटी
NewsPoint•
जयपुर, 2 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को कहा कि विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) ग्रामीण विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इस योजना में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। मुख्यमंत्री ने ब्यावर जिले के मसूदा कृषि उपज मंडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना के राज्य स्तरीय शुभारंभ और जनसभा में हिस्सा लिया। इस राष्ट्रीय शुभारंभ का नेतृत्व केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए शुरू की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का असली विकास उसके गांवों की तरक्की में ही छिपा है। उन्होंने वीबी-जी राम जी को सिर्फ एक रोजगार देने वाला कार्यक्रम नहीं बताया, बल्कि इसे जल संरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, लोगों की कमाई के साधन बढ़ाने और आपदा प्रबंधन पर केंद्रित एक बड़ी ग्रामीण विकास की पहल बताया।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में खराब प्लानिंग और कमजोर निगरानी के कारण यह योजना अपने लक्ष्य पूरे नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि पिछली योजना के तहत बनीं कई सड़कें कच्ची रह गईं, पानी की संरचनाएं अधूरी रह गईं और मिट्टी के काम भी ठीक से नहीं हुए, जिनसे लोगों को लंबे समय तक कोई फायदा नहीं हुआ। शर्मा ने यह भी कहा कि फर्जी जॉब कार्ड, नकली लाभार्थियों, हाजिरी में हेरफेर और मजदूरी के भुगतान में देरी या अधूरा भुगतान जैसी गड़बड़ियां भी हुईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सामाजिक ऑडिट अक्सर बेअसर या सिर्फ दिखावटी होते थे।
नई योजना की खासियतों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सालाना गारंटी वाले रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। खेती में मजदूरों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकारें बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिनों का कार्य विराम घोषित कर सकती हैं। यह योजना जल संरक्षण, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टिकाऊ संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करेगी।
योजना में पारदर्शिता लाने के लिए जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, मोबाइल ऐप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। हर छह महीने में डिजिटल तरीके से सामाजिक ऑडिट होगा। शिकायतों के निपटारे के लिए एक मल्टी-लेयर डिजिटल सिस्टम शुरू किया गया है, जिसमें तय समय-सीमा और जिला लोकपाल होंगे। साप्ताहिक मजदूरी का भुगतान अनिवार्य होगा, और अगर दो हफ्ते से ज्यादा की देरी हुई तो अपने आप मुआवजा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी ग्रामीण विकास में एक नया अध्याय लिखेगा। यह योजना सिर्फ रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांवों को मजबूत बनाने की एक व्यापक पहल है। उन्होंने कहा कि मनरेगा की कमियों से सीखकर यह नई योजना ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत विकसित बने और यह तभी संभव है जब हमारे गांव मजबूत हों। वीबी-जी राम जी इसी सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगी और लोगों के जीवन स्तर को सुधारेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीकें जैसे जियो-टैगिंग और एआई का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करेगा कि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे। डिजिटल सामाजिक ऑडिट से योजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि साप्ताहिक मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मजदूरों को समय पर पैसा मिले और उन्हें आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। अगर भुगतान में देरी होती है, तो स्वतः मुआवजा मिलने का प्रावधान है, जो एक बड़ी राहत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने और उसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी संपत्तियों के निर्माण में भी मदद करेगी, जिससे भविष्य में भी लोगों को लाभ मिलता रहेगा।