Mumbai: खुले मैनहोल में गिरकर व्यक्ति की मौत, बीएमसी ने चार अफसरों को किया निलंबित
Mumbai: खुले मैनहोल में गिरकर व्यक्ति की मौत, बीएमसी ने चार अफसरों को किया निलंबित
NewsPoint•
मुंबई के साकीनाका इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। खैरानी रोड पर एक खुले मैनहोल में गिर जाने से 55 वर्षीय असलम इसाक शेख की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब बृहन्Mumbai महानगरपालिका (बीएमसी) का सीवेज ऑपरेशन विभाग मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने का काम कर रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि ठेकेदार ने सुरक्षा के ज़रूरी इंतज़ाम नहीं किए थे, जिसके कारण यह लापरवाही हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काम के दौरान मैनहोल के चारों ओर न तो कोई बैरिकेड लगाया गया था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड था। असलम शेख मोबाइल पर बात करते हुए वहां से गुजर रहे थे और संतुलन खो बैठे, जिससे वे सीधे खुले मैनहोल में गिर गए।
इस गंभीर लापरवाही के चलते बीएमसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार अफसरों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में ‘एल’ विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर धनाजी हेर्लेकर, असिस्टेंट इंजीनियर दीपक चौगुले, जूनियर इंजीनियर अभिजीत चौगुले और सीवेज ऑपरेशन के असिस्टेंट इंजीनियर उत्तम पाटील शामिल हैं। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए थे। साथ ही, संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के भी आदेश दिए गए हैं।घटना के बाद, बीएमसी और Mumbai फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, काफी कोशिशों के बावजूद असलम शेख को बचाया नहीं जा सका। इस दुखद घटना को देखते हुए, बीएमसी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अगले 8 दिनों में पूरे Mumbai के सभी मैनहोल की 100 प्रतिशत सुरक्षा जांच (सेफ्टी ऑडिट) की जाएगी।
मामले की विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम उपनगर) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। यह समिति 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस हादसे में मृतक असलम इसाक शेख के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा महापौर रितू तावडे ने की है।
अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह साफ हो गया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। बीएमसी ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना शहर में चल रहे विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोगों की जान की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना बेहद ज़रूरी है, और इस घटना ने इस बात को फिर से उजागर किया है। बीएमसी ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों को सजा मिलेगी। यह घटना एक चेतावनी है कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।