खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंता: डीजीएमए ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय नाविकों की तैनाती रोकी
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंता: डीजीएमए ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय नाविकों की तैनाती रोकी
NewsPoint•
नई दिल्ली, 16 जुलाई: नौवहन महानिदेशालय (डीजीएमए) ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए, अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक लगा दी है। यह फैसला भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, क्योंकि हाल के दिनों में इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमले हुए हैं। डीजीएमए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी साझा की है।
डीजीएमए ने स्पष्ट किया है कि जहाज मालिक, जहाज प्रबंधन कंपनियां और आरपीएसएल (भर्ती एवं तैनाती सेवा लाइसेंस) कंपनियां अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली यात्राओं पर भारतीय नाविकों को नहीं भेजेंगी। यह कदम संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों के मद्देनजर उठाया गया है, जिससे भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता दी जा सके।हाल ही में मोम्बासा बी, अल बह्याह, जीएफएस गैलेक्सी, एमटी वेडयान और अल रेकय्यात जैसे व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों ने इस क्षेत्र में काम कर रहे नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए जोखिम को काफी बढ़ा दिया है। इन घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
डीजीएमए ने फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में परिचालन कर रहे जहाजों के कप्तानों को भी कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा सतर्कता बनाए रखने, नौवहन संबंधी चेतावनियों और सुरक्षा परामर्शों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय जहाज एवं बंदरगाह सुविधा सुरक्षा (आईएसपीएस) संहिता के तहत जहाज सुरक्षा योजना और अन्य सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए, डीजीएमए ने नाविकों और जहाजों से तुरंत डीजी कम्युनिकेशन सेंटर (एमएमडीएसी) या भारतीय नौसेना के इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (आईएफसी-आईओआर) से संपर्क करने का आग्रह किया है। डीजीएमए ने आश्वासन दिया है कि वह खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदल रहे सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है। इस तनाव ने क्षेत्र में बड़े संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में संभावित व्यवधान की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने के बाद उसके तटीय रक्षा और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र से ऊर्जा निर्यात को सीमित करने की चेतावनी दी थी और कहा था कि वह अमेरिका के साथ अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।
डीजीएमए का यह कदम भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के बढ़ने के साथ, समुद्री सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गई है। डीजीएमए द्वारा जारी की गई एडवाइजरी इस क्षेत्र में काम करने वाले सभी समुद्री हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक है।
यह स्थिति समुद्री व्यापार मार्गों की नाजुकता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रभाव को भी उजागर करती है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, और यहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।
डीजीएमए की यह पहल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि भारतीय नाविक, जो वैश्विक समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, किसी भी असुरक्षित स्थिति में न फंसे। यह कदम भारतीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भूमिका को भी दर्शाता है।