बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर पर पोस्टर वार, 'जमानत जब्त' होने का दावा

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Navbharat Times
पटना, 16 जुलाई। बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की सरगर्मी के बीच पोस्टर वार शुरू हो गया है। गुरुवार को लगाए गए एक पोस्टर में जन सुराज के सूत्रधार और उम्मीदवार प्रशांत किशोर को निशाना बनाया गया है। इस पोस्टर में प्रशांत किशोर जैसी दिखने वाली एक व्यक्ति के हाथ में नोटों की गड्डियां दिखाई गई हैं और उस पर लिखा है, "केसी सिन्हा तो झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है।" पोस्टर के नीचे 'सौजन्य- बांकीपुर की जनता' लिखा है और एक और नारा है, "नोट नहीं, वोट चाहिए।" यह पोस्टर किसने लगवाया है, यह अभी साफ नहीं है, लेकिन इसने बांकीपुर के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। जन सुराज की ओर से इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यह उपचुनाव बांकीपुर से भाजपा विधायक नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है। नितिन नवीन राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। वह लगातार चार बार इस सीट से विधायक चुने गए थे। इस उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होना है। भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि जनसुराज की ओर से प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। प्रमुख दलों के उम्मीदवार होने के कारण यह मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है।
चुनाव प्रचार के दौरान पोस्टर और बयानों के जरिए एक-दूसरे पर राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं। यह पोस्टर बांकीपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है और राजनीतिक गलियारों में इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। पोस्टर में प्रशांत किशोर की छवि को नोटों से जोड़कर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि वे जनता से वोट नहीं, बल्कि पैसे चाहते हैं। वहीं, "केसी सिन्हा तो झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है" जैसे नारे से यह भी संकेत मिलता है कि पोस्टर लगाने वाले प्रशांत किशोर की जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं और उनकी जमानत जब्त होने की भविष्यवाणी कर रहे हैं।

बांकीपुर विधानसभा सीट खाली होने का कारण भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का राज्यसभा सदस्य चुना जाना है। उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। नितिन नवीन इस सीट से चार बार लगातार जीत दर्ज कर चुके थे, इसलिए यह सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। इस बार भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, प्रशांत किशोर, जो जन सुराज के संस्थापक हैं, खुद इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह उनके राजनीतिक करियर के लिए एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। राजद ने रेखा गुप्ता को अपना प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को और त्रिकोणीय बना दिया है।

चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह के पोस्टर वार आम बात है। यह मतदाताओं का ध्यान खींचने और विरोधियों को घेरने का एक तरीका है। हालांकि, इस पोस्टर के पीछे कौन है, यह अभी रहस्य बना हुआ है। 'बांकीपुर की जनता' के नाम से लगाए गए इस पोस्टर ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पोस्टर वार का चुनाव नतीजों पर क्या असर पड़ता है। आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी और बढ़ने की पूरी संभावना है, क्योंकि मतदान की तारीख नजदीक आ रही है। सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और एक-दूसरे पर वार-पलटवार का दौर जारी है।

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