रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी के वनडे और टी20 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट का स्वागत किया, लेकिन खेल को आगे बढ़ाने पर जोर दिया

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नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी के वनडे और टी20 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट का स्वागत किया है, लेकिन उनका मानना है कि क्रिकेट को दुनिया भर में फैलाने के लिए आईसीसी को और भी बहुत कुछ करना होगा। अश्विन के अनुसार, नए फॉर्मेट से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन अगर क्रिकेट को ओलंपिक में जगह बनानी है, तो उभरती हुई टीमों को ज्यादा मौके देना बहुत जरूरी है। आईसीसी ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप और 2028 टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव की घोषणा की है, जिसका मकसद टूर्नामेंट को और रोमांचक बनाना और ज्यादा टीमों को मौका देना है।

आईसीसी ने अपने दो बड़े व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट, 2027 वनडे वर्ल्ड कप और 2028 टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य खेल को और ज्यादा रोमांचक बनाना और दुनिया भर की ज्यादा से ज्यादा टीमों को इन बड़े मंचों पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका देना है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप में एक नया तीन-चरण वाला फॉर्मेट अपनाया जाएगा। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 'सुपर सीरीज' नाम के एक नए चरण से होगी। इसके बाद टीमें ग्रुप स्टेज, फिर सुपर 7 राउंड और अंत में नॉकआउट मुकाबलों में अपनी जगह बनाने के लिए खेलेंगी। इस नए ढांचे से टीमों के लिए आगे बढ़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा, और हर मैच का महत्व काफी बढ़ जाएगा।
वहीं, 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में टीमों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है। इस टूर्नामेंट का प्रारूप भी बदला जाएगा। इसकी शुरुआत पांच ग्रुपों में टीमों के बीच मुकाबले से होगी। इसके बाद, जो टीमें अच्छा प्रदर्शन करेंगी, वे सुपर 10 चरण में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल से पहले एक एलिमिनेटर राउंड भी खेला जाएगा, जिससे मुकाबलों में और भी ज्यादा रोमांच आ जाएगा।

आईसीसी के इन नए स्ट्रक्चर के पीछे की सोच का समर्थन करते हुए, रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि सिर्फ टूर्नामेंट में सुधार करने से 'फुल मेंबर' (पूर्ण सदस्य) और 'एसोसिएट देशों' (संबद्ध देशों) के बीच की खाई को पाटा नहीं जा सकता। अश्विन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रतिस्पर्धा के नजरिए से 2027 वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप 2028 के फिक्स्चर फॉर्मेट में आईसीसी के बदलाव सही लगते हैं। हालांकि, अगर अंतिम लक्ष्य खेल को आगे बढ़ाना है, तो उभरते हुए देशों के लिए एक मजबूत रास्ता बनाने की जरूरत है।"

अश्विन ने यह भी सुझाव दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में भी बदलाव की जरूरत है। उनका मानना है कि एसोसिएट टीमों को सिर्फ क्वालिफिकेशन इवेंट तक सीमित रखने के बजाय, उन्हें बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ लगातार खेलने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को सिर्फ क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि और ज्यादा अहम मैचों की जरूरत है (उदाहरण के लिए: हर द्विपक्षीय सीरीज में तीसरी टीम के तौर पर शामिल होना)।"

अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि क्रिकेट को ओलंपिक में सफल बनाने के लिए सिर्फ कुछ बड़ी टीमों का मजबूत होना काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे क्रिकेट जगत का सामूहिक विकास जरूरी है, तभी यह खेल ओलंपिक में एक शानदार और यादगार अनुभव बन पाएगा। भारत के पूर्व स्पिनर ने कहा कि प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ाने से अंततः विश्व स्तर पर क्रिकेट को फायदा होगा, खासकर तब जब यह खेल ओलंपिक खेलों में वापसी करने जा रहा है।

अश्विन ने स्पष्ट किया कि आईसीसी के नए फॉर्मेट से टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा तो बढ़ेगी, लेकिन खेल को वास्तव में वैश्विक बनाने के लिए और भी ठोस कदम उठाने होंगे। उनका मानना है कि उभरती हुई क्रिकेट टीमों को सिर्फ क्वालिफायर तक सीमित न रखकर, उन्हें नियमित रूप से बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने के अवसर मिलने चाहिए। इससे न केवल उन टीमों का स्तर सुधरेगा, बल्कि क्रिकेट को दुनिया के नए कोनों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने उदाहरण के तौर पर नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों का जिक्र किया। अश्विन के अनुसार, इन टीमों को केवल क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट खेलने के बजाय, द्विपक्षीय सीरीज में बड़ी टीमों के साथ तीसरी टीम के रूप में शामिल होने जैसे अवसर मिलने चाहिए। इससे उन्हें बड़े मंचों पर खेलने का अनुभव मिलेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगी।

अश्विन ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्रिकेट का ओलंपिक में शामिल होना एक बड़ा कदम है, और इस सफलता के लिए खेल का वैश्विक स्तर पर मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुछ ही देशों में क्रिकेट का दबदबा रहने से यह खेल ओलंपिक में वह मुकाम हासिल नहीं कर पाएगा जिसकी उम्मीद की जा रही है। इसके लिए सभी देशों को मिलकर आगे बढ़ना होगा।

संक्षेप में, रविचंद्रन अश्विन आईसीसी के नए टूर्नामेंट फॉर्मेट का स्वागत करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि क्रिकेट को ओलंपिक में सफल बनाने और खेल को वास्तव में वैश्विक बनाने के लिए आईसीसी को उभरती हुई टीमों के लिए अधिक अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में बदलाव और एसोसिएट देशों को बड़ी टीमों के खिलाफ नियमित खेलने के मौके देना महत्वपूर्ण है।

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