फर्जी रजिस्ट्री गिरोह का एक और आरोपी शशिरंजन प्रसून गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का खुलासा
फर्जी रजिस्ट्री गिरोह का एक और आरोपी शशिरंजन प्रसून गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का खुलासा
NewsPoint•
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गाजियाबाद के लालकुआं इलाके से हुई है। गिरफ्तार आरोपी शशिरंजन प्रसून पर अपने साथियों के साथ मिलकर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने और एक पीड़ित से 3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस इस गिरोह के खिलाफ पहले से ही कार्रवाई कर रही है और अब तक कुल 9 लोगों को पकड़ा जा चुका है।
थाना जारचा पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से लंबे समय से फरार चल रहे शशिरंजन प्रसून को पकड़ा। यह आरोपी मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले का रहने वाला है और इसकी उम्र करीब 54 साल है। पुलिस के मुताबिक, शशिरंजन प्रसून ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद उन्होंने एक पीड़ित को धोखे में रखकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। इस मामले में थाना जारचा में कई मुकदमे दर्ज हैं और शशिरंजन प्रसून इन सभी में वांछित था।गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट लगातार ऐसे गिरोहों पर नकेल कस रही है जो जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों को ठगते हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी शशिरंजन प्रसून से पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ से गिरोह के बाकी सदस्यों, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और ठगी से जुड़े पैसों के लेन-देन के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले उसके सभी कागजात अच्छी तरह से जांच लें। रजिस्ट्री की प्रक्रिया केवल अधिकृत जगहों से ही पूरी करनी चाहिए। अगर कहीं भी कोई गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा नजर आए तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। इससे समय रहते ऐसी धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।
यह गिरोह जमीन की खरीद-फरोख्त में लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें ठगता था। वे ऐसे फर्जी दस्तावेज बनाते थे जो बिल्कुल असली लगते थे। इसके बाद वे पीड़ित को यकीन दिलाते थे कि जमीन की रजिस्ट्री हो गई है, जबकि असल में ऐसा नहीं होता था। इस तरह से वे करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे अपराधियों के लिए एक बड़ा झटका है और यह आम लोगों को भी सतर्क रहने का संदेश देती है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले भी 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शशिरंजन प्रसून ही वह आखिरी आरोपी था जो अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी से इस मामले की जांच में और तेजी आएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कुल कितनी रकम की ठगी की है।
पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा। वे ऐसे सभी गिरोहों का पर्दाफाश करेंगे जो भोले-भाले लोगों को ठगने का काम करते हैं। लोगों को भी जागरूक रहने की जरूरत है ताकि वे ऐसे जालसाजों का शिकार न बनें। किसी भी संपत्ति में निवेश करने से पहले पूरी सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।