राजस्थान बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन वेडिंग हब: दीया कुमारी ने पेश किया विजन

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Navbharat Times
राजस्थान को दुनिया का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे मशहूर शहरों के अलावा शेखावाटी की हवेलियों, जैसलमेर के रेगिस्तान, बांसवाड़ा-डूंगरपुर की हरियाली, भरतपुर के वन्यजीव और पुष्कर की आध्यात्मिक छटा को भी वेडिंग टूरिज्म के लिए विकसित करने का विजन पेश किया है। यह घोषणा जयपुर में इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (IWTC) सीजन-3 के उद्घाटन के मौके पर हुई, जहाँ भारत और विदेश से आए 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस कॉन्क्लेव का मकसद राजस्थान की पर्यटन ब्रांडिंग को मजबूत करना और नए व्यावसायिक अवसरों को तलाशना है।

जयपुर के फेयरमोंट होटल में दो दिवसीय IWTC सीजन-3 का आगाज रविवार को हुआ। इस कॉन्क्लेव में वेडिंग प्लानर्स, होटल मालिक, पर्यटन विशेषज्ञ, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के बड़े-बड़े लोग शामिल हुए। यहाँ पर्यटन, वेडिंग इंडस्ट्री, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, ग्लोबल पार्टनरशिप और नए बिजनेस आइडियाज पर खुलकर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर और मजबूत बनाएंगे। इससे राज्य में पर्यटन, होटल इंडस्ट्री और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
इस खास कॉन्क्लेव का उद्घाटन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी के साथ आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने मिलकर किया। दोनों नेताओं ने पर्यटन को देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम बताया। उन्होंने राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने और भारत को दुनिया भर में एक बेहतरीन पर्यटन और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की बात पर जोर दिया।

दीया कुमारी ने बताया कि सरकार सिर्फ जाने-पहचाने पर्यटन स्थलों पर ही ध्यान नहीं देना चाहती। वे उन जगहों को भी दुनिया के सामने लाना चाहती हैं जो सांस्कृतिक और प्राकृतिक रूप से बहुत खास हैं, लेकिन अभी उतने मशहूर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन नई जगहों पर अच्छी सुविधाएं दी जाएं, उनका प्रचार-प्रसार किया जाए और उनमें निवेश बढ़ाया जाए, तो राजस्थान वेडिंग टूरिज्म के मामले में दुनिया में सबसे आगे निकल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डेस्टिनेशन वेडिंग इंडस्ट्री से सिर्फ होटल ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प, लोक कलाकार, कैटरिंग, सजावट और छोटे-मोटे स्थानीय कारोबार को भी बहुत फायदा होता है। ऐसे बड़े आयोजनों से राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

IWTC सीजन-3 में प्रतिनिधियों ने राजस्थान के उन छुपे हुए रत्नों को खोजने की कोशिश की जो वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। शेखावाटी की पुरानी हवेलियों की शान, जैसलमेर के सुनहरे रेगिस्तान का जादू, बांसवाड़ा और डूंगरपुर की शांत प्राकृतिक सुंदरता, भरतपुर के पक्षी अभयारण्य का रोमांच और पुष्कर की पवित्रता, ये सब मिलकर राजस्थान को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में एक अनोखी पहचान दे सकते हैं।

इस कॉन्क्लेव में भारत और दुनिया भर के वेडिंग प्लानर्स ने राजस्थान की इन जगहों पर शादी समारोह आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि कैसे इन जगहों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा सकता है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर सकें। साथ ही, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी वेडिंग अनुभव का हिस्सा बनाया जा सकता है, जिससे यह और भी खास बन जाएगा।

दीया कुमारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार इन नई जगहों के विकास के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे कि बेहतर सड़कें, होटल, और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि "यह समय आ गया है कि राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों को भी वैश्विक वेडिंग मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया जाए।" यह बयान राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।

इस तरह के आयोजन न केवल राजस्थान की ब्रांडिंग को मजबूत करते हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि राज्य के हर कोने को पर्यटन के माध्यम से विकसित होने का मौका मिले। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। IWTC सीजन-3 राजस्थान को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

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