कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला: परीक्षा अनियमितताओं पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने, परीक्षा प्रणाली में धांधली और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की जरूरत बताई है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार न तो लोगों को सड़कों पर अपनी बात रखने दे रही है और न ही संसद में विपक्ष को बोलने का मौका दे रही है।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार न तो लोगों को सड़कों पर अपनी बात रखने देना चाहती है और न ही संसद में विपक्ष को अपनी आवाज उठाने का अवसर देना चाहती है। सरकार की कहानी आज देश देख रहा है। संसद का भी गला घोंटा जा रहा है और सड़क का भी। यह लोकतंत्र नहीं हो सकता।" कांग्रेस की मांगें बिल्कुल साफ हैं।
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोटा और देहरादून में 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रमों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया था। यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई लगातार यह मांग कर रहे हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। साथ ही, परीक्षा प्रणाली के हर स्तर पर स्वतंत्र और समय पर ऑडिट होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बहुत जरूरी है। जब तक परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार नहीं होंगे, तब तक छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा।

राम मंदिर के मुद्दे पर बात करते हुए पवन खेड़ा ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन जब राम मंदिर से जुड़े मामलों में सवाल उठते हैं तो सरकार जवाब देने से कतराती है। सरकार संसद में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय चर्चा से बच रही है।

वहीं, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं ने देश के युवाओं और छात्रों का शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से विश्वास तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 सालों में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में रिकॉर्ड तोड़ पेपर लीक हुए हैं। सिर्फ नीट ही नहीं, बल्कि कई सेवा आयोगों और भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में भी लगातार धांधली के आरोप लगे हैं। देश में बड़े पैमाने पर पेपर लीक माफिया सक्रिय हैं, लेकिन सरकार इस समस्या से निपटने में नाकाम रही है।

दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हर साल इस मुद्दे पर जवाब देते हैं, लेकिन अगले ही साल किसी न किसी परीक्षा में पेपर लीक की घटना फिर सामने आ जाती है। इन घटनाओं का सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों को हो रहा है जो मेहनत करते हैं। कई छात्रों ने परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और भविष्य की निराशा के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठाए हैं। यह बहुत गंभीर मामला है और इस पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

हुड्डा ने कहा, "हम लगातार मांग कर रहे हैं कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा कराई जाए। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और देश के युवाओं की चिंताओं पर संसद में गंभीर बहस हो। अगर देश के छात्रों की समस्याओं पर भारतीय संसद में चर्चा नहीं होगी, तो कहीं और नहीं होगी।"

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज को संसद से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी। राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान के जरिए युवाओं के मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है। मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का प्रयास जारी रखेगी।

कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक परीक्षा प्रक्रिया में बड़े सुधार नहीं किए जाते, तब तक छात्रों का विश्वास बहाल नहीं हो सकता। पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार संसद में चर्चा से बच रही है, जबकि यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के सरकार के प्रयासों की निंदा करते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है। सरकार को लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार देना चाहिए। संसद में भी विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए।

कांग्रेस ने यह भी रेखांकित किया कि पेपर लीक की घटनाएं केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में भी ऐसी अनियमितताएं सामने आई हैं। इससे योग्य और मेहनती छात्रों का नुकसान हो रहा है, जबकि गलत तरीके से फायदा उठाने वाले आगे बढ़ जाते हैं।

पार्टी ने जोर देकर कहा कि छात्रों की आत्महत्याएं एक गंभीर चिंता का विषय हैं और सरकार को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। शिक्षा मंत्री को इस समस्या की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान युवाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए चलाया जा रहा है। पार्टी इस अभियान के माध्यम से छात्रों के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करेगी।

कुल मिलाकर, कांग्रेस केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगा रही है। पार्टी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की मांग की है।

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