सीजेपी का जंतर मंतर पर धरना जारी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी मांगों पर अड़ा संगठन
सीजेपी का जंतर-मंतर पर धरना जारी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी मांगों पर अड़ा संगठन
NewsPoint•
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सीजेपी ने कहा कि उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है, इसलिए उनका आंदोलन जारी रहेगा. सीजेपी की मुख्य मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की रिहाई और नीट 2026 पेपर लीक के पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा शामिल है. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया है, लेकिन सीजेपी का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए नड्डा ने कहा कि उनकी बातचीत जारी है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 से ही हमारी बातचीत जारी है. सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई. उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई." नड्डा ने आगे कहा, "मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें."हालांकि, सीजेपी की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि उनकी मांगों को लेकर उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है. जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. मुलाकात के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं. इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग सबसे प्रमुख है. सौरभ दास ने कहा कि मंत्री जी ने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बात करेंगे. लेकिन, अभी तक कोई पक्का वादा नहीं किया गया है. जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी रुकेंगे नहीं.
सीजेपी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संगठन 6 जून से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा है. 20 जून से जंतर-मंतर पर उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी है. इस धरने में शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे. संगठन का दावा है कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनशन शुरू किया, जो 20 जुलाई तक जारी रहा.
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियां और प्रशासनिक अव्यवस्था देखने को मिली. संगठन ने आरोप लगाया कि नीट 2026 पेपर लीक के बाद उनके रिकॉर्ड के अनुसार 21 अभ्यर्थियों ने आत्महत्या की. यह एक बहुत ही गंभीर आरोप है जो शिक्षा प्रणाली में खामियों की ओर इशारा करता है.
सीजेपी ने अपने ज्ञापन में सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. पहली मांग यह है कि सोनम वांगचुक की रिहाई हो और उनके आवागमन पर किसी भी प्रकार की रोक न लगाई जाए. दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए या उन्हें पद से हटाया जाए. तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि नीट 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए. यह मुआवजा उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है.
इसके अलावा, संगठन ने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है और इसे तत्काल रोकने की मांग की है. सीजेपी का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा. यह आंदोलन शिक्षा प्रणाली में सुधार और परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.