डीएसपीएमयू में छात्रों का आंदोलन उग्र, सीटों में कटौती और आरक्षण उल्लंघन पर पुलिस से झड़प
डीएसपीएमयू में छात्रों का आंदोलन उग्र, सीटों में कटौती और आरक्षण उल्लंघन पर पुलिस से झड़प
NewsPoint•
रांची, 20 जुलाई (आईएएनएस)। रांची के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में सोमवार को छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। स्नातक पाठ्यक्रमों में सीटों की कटौती, आरक्षण नियमों का पालन न होने और छात्र हितों से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ट्रेडिशनल और वोकेशनल स्नातक पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या काफी कम कर दी है। उनका कहना है कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्र बीसीए, बीबीए, बीकॉम जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला नहीं ले पाएंगे। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में जारी की गई नामांकन सूची में राज्य सरकार की आरक्षण नीति का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की है कि नामांकन प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और आरक्षण नियमों के अनुसार नई सूची जारी की जाए।विभिन्न छात्र संगठनों का कहना है कि वे पिछले कई हफ्तों से अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे थे, लेकिन कोई भी ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी के विरोध में छात्रों ने प्रशासनिक भवन के बाहर कुलपति का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने कुलपति की गाड़ी पर स्याही भी फेंक दी।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस लाठीचार्ज के बाद परिसर में अफरातफरी मच गई। हालांकि, किसी भी छात्र के गंभीर रूप से घायल होने की कोई आधिकारिक खबर नहीं है।
छात्र संगठनों ने कई मांगें रखी हैं। वे चाहते हैं कि ट्रेडिशनल और वोकेशनल पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या पहले जैसी ही रखी जाए। साथ ही, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग सहित अन्य विभागों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। एससी-एसटी छात्रों के लिए फीस में छूट दी जाए और छात्रवृत्ति की व्यवस्था समय पर हो। रोस्टर और बैकलॉग पदों पर भर्ती की जाए और पीएचडी नियमावली लागू की जाए।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ही लिखित रूप में कोई फैसला नहीं लिया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। इस मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। डीएसपीएमयू झारखंड के प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालयों में से एक है। छात्रों का यह आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।