नीट विवाद: प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की, सरकार से छात्रों की सुनने की अपील

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 21 जुलाई। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से जुड़े विवाद और दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ पुलिस के व्यवहार को "बेहद शर्मनाक" बताया और कहा कि सरकार को बल प्रयोग करने के बजाय छात्रों की बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवा किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन छात्रों की समस्याएं वास्तविक हैं और पूरा देश जानता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और उनके परिवारों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग के लिए कर्ज भी लेते हैं, लेकिन बार-बार परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियां और कथित पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य पर गहरा असर डाल रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा कि उन्हें कम से कम छात्रों से मिलकर उनकी बात सुननी चाहिए। छात्रों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, क्योंकि उनके अनुसार परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही खामियों की जिम्मेदारी संबंधित मंत्रालय की है। प्रियंका गांधी ने याद दिलाया कि एक समय ऐसा था जब किसी बड़ी प्रशासनिक विफलता पर मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देते थे, लेकिन अब ऐसा देखने को नहीं मिलता। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की भी मांग की।

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि यह कोई नया मुद्दा नहीं है और उनकी पार्टी लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करती रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां पेपर लीक की घटनाएं हुईं, तब केवल निचले स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई, लेकिन बड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जा रही हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि आज देश का युवा निराश और आक्रोशित है क्योंकि उसे अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि हर छात्र लगातार संघर्ष कर रहा है और उसे यह चिंता सता रही है कि मेहनत के बावजूद यदि परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष नहीं होगी तो उसका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह केवल छात्रों का मुद्दा नहीं है, बल्कि उन लाखों परिवारों का भी सवाल है जो अपने बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक और मानसिक संघर्ष कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार "युवा-विरोधी, गरीब-विरोधी और किसान-विरोधी" नीतियां अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।

नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। 20 जुलाई को दिल्ली में सीजेपी (कॉमन कॉज फॉर जस्टिस एंड पीस) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई ने इस मुद्दे को और हवा दे दी। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उनकी मांगें जायज हैं।

उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार होने वाली धांधली और पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भरोसा उठ रहा है। माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, कर्ज लेते हैं, लेकिन जब परीक्षा प्रणाली ही निष्पक्ष नहीं रहेगी तो उनकी मेहनत का क्या मतलब रह जाएगा? यह सवाल आज हर उस परिवार के मन में है जिसके बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के समय में मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेने से कतराते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी परीक्षा में इतनी बड़ी गड़बड़ी होती है, तो शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उनकी पार्टी लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है। उत्तर प्रदेश में पेपर लीक के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी सिर्फ छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, बड़े लोग बच निकले। यही वजह है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा कि आज देश का युवा हताश है क्योंकि उसे अपने भविष्य की कोई गारंटी नहीं दिख रही है। हर छात्र मेहनत कर रहा है, लेकिन उसे डर है कि अगर परीक्षा ही ठीक से नहीं होगी तो उसकी मेहनत बेकार जाएगी। यह सिर्फ छात्रों की समस्या नहीं है, बल्कि उन लाखों परिवारों की भी समस्या है जो अपने बच्चों के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं।

उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं, गरीबों और किसानों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की बात सुने, दोषियों को सजा दे और शिक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाए कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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