अमेरिका में 10 नागरिकता रद्द, पाकिस्तान मूल के व्यक्ति पर कई पहचान इस्तेमाल करने का आरोप
अमेरिका में 10 नागरिकता रद्द, पाकिस्तान मूल के व्यक्ति पर कई पहचान इस्तेमाल करने का आरोप
NewsPoint•
वाशिंगटन, 21 जुलाई: अमेरिका में इमिग्रेशन का फायदा उठाने के लिए कई पहचान का इस्तेमाल करने वाले पाकिस्तान में जन्मे एक व्यक्ति पर नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है। यह व्यक्ति उन दस लोगों में से एक है जिनकी नागरिकता रद्द की जा सकती है। ट्रंप सरकार इसे अमेरिकी इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी कोशिश बता रही है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) और न्याय विभाग (डीओजे) ने पिछले 30 दिनों में ऐसे कई मामले सामने लाए हैं, जिनमें आरोपियों पर बच्चों के यौन शोषण, स्वास्थ्य बीमा धोखाधड़ी, आव्रजन धोखाधड़ी और कोकीन तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं। सरकार का कहना है कि इन लोगों ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर, गलत जानकारी देकर या अवैध तरीके से अमेरिकी नागरिकता हासिल की।
इन दस लोगों में से एक 65 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक मुर्तजा अली भी हैं। शिकायत के अनुसार, उन्होंने ग्रीन कार्ड और फिर 2009 में अमेरिकी नागरिकता हासिल करने से पहले अलग-अलग नामों से कई बार आव्रजन आवेदन भरे थे। उन्होंने "मोहम्मद इकबाल" नाम से नागरिकता प्राप्त की थी। संघीय अधिकारियों का कहना है कि फिंगरप्रिंट जांच से पता चला कि अलग-अलग पहचान के साथ भरे गए सभी आवेदन एक ही व्यक्ति के थे। सरकार ने बताया कि 2014 में मुर्तजा अली ने अमेरिकी सरकारी एजेंसी को झूठी और भ्रामक जानकारी देने का जुर्म कबूल किया था। उन्होंने माना था कि उन्होंने तीन अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करके तीन अलग-अलग आव्रजन लाभ के लिए आवेदन किए थे।अमेरिका ने टेक्सास के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट में 14 जुलाई को नागरिकता रद्द करने से संबंधित चार आरोप लगाए। इन आरोपों में कहा गया है कि उन्होंने इमिग्रेशन फ्रॉड किया, अपने नैतिक चरित्र को खराब करने वाले गैर-कानूनी काम किए, नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया के दौरान झूठी गवाही दी और जरूरी बातें छिपाकर नागरिकता हासिल की। डीएचएस सचिव मार्कवेन मुलिन ने इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए कहा, “जब आप नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान धांधली करते हैं, तो आप अपनी अमेरिकी नागरिकता रखने का अधिकार खो देते हैं। इन क्रिमिनल एलियंस ने वह अधिकार खो दिया और हमारे इमिग्रेशन सिस्टम का फायदा उठाया और असली अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाया। इनमें ड्रग ट्रैफिकर, पीडोफाइल और धोखेबाज शामिल हैं। डीएचएस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हम अपने पास मौजूद हर टूल का इस्तेमाल करके इन धोखेबाजों को डीनैचुरलाइज करें और हटा दें।”
कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा, “इन दस क्रिमिनल एलियंस, जिनमें बच्चों का यौन शोषण करने वाले, लगभग 900,000 डॉलर का मेडिकेयर फ्रॉड करने वाला और एक कोकीन तस्कर शामिल हैं, ने झूठ बोलकर अमेरिका की नागरिकता हासिल की। इनमें से हर व्यक्ति में कानून के हिसाब से अच्छे नैतिक चरित्र की कमी थी और उन्होंने जानबूझकर गलत जानकारी देकर और अपने अपराधों को छिपाकर नागरिकता हासिल की। President ट्रंप के नेतृत्व में, यह अमेरिका के न्याय विभाग के नागरिकता देने की प्रक्रिया में ईमानदारी लाने के लिए नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाता रहेगा।”
असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट ने कहा कि सरकार इस कोशिश को और बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा, “हम उन अपराधी को फ्री पास देने से मना करते हैं जिन्होंने धोखे से अमेरिकी नागरिकता हासिल की है।” उन्होंने आगे कहा, “इस Government के तहत, अगर आपने नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में धोखाधड़ी की, तो आपको न्याय विभाग की पूरी ताकत का सामना करना पड़ेगा। हमने अभी तो बस शुरुआत की है और भी कई शिकायतें आ रही हैं।”
बाकी नौ मामलों में क्यूबा, मेक्सिको, पेरू और पोलैंड में पैदा हुए लोग शामिल हैं। इन पर लगे आरोपों में मेडिकेयर फ्रॉड, बच्चों का यौन शोषण, पहचान फ्रॉड, वायर फ्रॉड और कोकेन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। सरकार ने बताया कि ये शिकायतें देश भर के फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर की गई हैं। हालांकि, सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि ये सिर्फ आरोप हैं और अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
यह कार्रवाई अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम में धोखाधड़ी के खिलाफ सरकार के कड़े रुख को दर्शाती है। डीएचएस और डीओजे मिलकर ऐसे लोगों की पहचान कर रहे हैं जिन्होंने गलत तरीके से नागरिकता हासिल की है। इन मामलों में शामिल अपराधों की गंभीरता को देखते हुए, सरकार इन लोगों को देश से बाहर निकालने और उनकी नागरिकता रद्द करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो अमेरिकी इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने की कोशिश करते हैं।
सरकार का कहना है कि नागरिकता प्राप्त करना एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। और जो लोग इस प्रक्रिया में धोखा देते हैं, वे इस विशेषाधिकार को खो देते हैं। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अमेरिकी नागरिकता की पवित्रता बनी रहे और केवल योग्य और ईमानदार लोग ही इसे प्राप्त करें। यह उन असली अमेरिकियों के साथ न्याय करने का एक तरीका है जिन्हें ऐसे धोखेबाजों के कारण नुकसान उठाना पड़ता है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन सभी मामलों में अभी आरोप ही हैं और अदालत में सुनवाई होनी बाकी है। लेकिन सरकार का रुख स्पष्ट है कि वह ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं बरतेगी। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका है जो सोचते हैं कि वे अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम को धोखा दे सकते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि वह ऐसे लोगों को ढूंढ निकालेगी और उन्हें उनके किए की सजा दिलाएगी।
यह मामला अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम की सुरक्षा और अखंडता को बनाए रखने के महत्व को भी उजागर करता है। जब लोग धोखाधड़ी से नागरिकता प्राप्त करते हैं, तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उन लाखों लोगों के साथ भी अन्याय है जो कानूनी और ईमानदार तरीके से अमेरिका आने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, सरकार का यह कदम उन सभी के लिए एक संदेश है जो अमेरिकी सपने को गलत तरीके से हासिल करने की कोशिश करते हैं।
सरकार का यह भी कहना है कि वह भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखेगी। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी नागरिकता केवल उन लोगों को मिले जो इसके हकदार हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी न्याय प्रणाली की ताकत और दृढ़ संकल्प को भी दर्शाती है। यह उन सभी अपराधियों के लिए एक चेतावनी है जो सोचते हैं कि वे कानून से बच सकते हैं।