पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा: डमी अभ्यर्थी बैठाने वाला पटवारी गिरफ्तार, 5 लाख का सौदा

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राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में धांधली कर सरकारी नौकरी पाने वाले एक पटवारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने परीक्षा में खुद की जगह एक डमी अभ्यर्थी को बैठाया था और इसके लिए करीब 5 लाख रुपये का सौदा किया था। एसओजी अब इस पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

एसओजी को पटवारी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अभ्यर्थियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी कड़ी में, एक पटवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। एसओजी ने दस्तावेजों, परीक्षा रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की बारीकी से जांच की। इसके बाद, आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कितने लोग शामिल थे। क्या इसी तरह से और भी अभ्यर्थियों को गलत तरीके से नौकरी दिलाई गई, यह भी जांच का अहम हिस्सा है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर, बिचौलियों और डमी अभ्यर्थी की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एसओजी अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में हो रहे फर्जीवाड़े और नकल के मामलों पर हो रही लगातार कार्रवाई का एक और उदाहरण है। सरकारी नौकरी पाने के लिए गलत रास्ते अपनाने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है। एसओजी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद, इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, गिरफ्तार पटवारी से पूछताछ चल रही है और इस पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश की जा रही है।

आरोपी पटवारी ने परीक्षा पास करने के लिए एक बिचौलिए की मदद ली थी। बिचौलिए के जरिए ही उसने एक दूसरे युवक से संपर्क किया, जो उसकी जगह परीक्षा देने के लिए तैयार हुआ। इस डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाने के लिए करीब 5 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। यह खुलासा एसओजी की जांच में हुआ है। एसओजी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह के और भी मामले सामने आ सकते हैं।

एसओजी इस पूरे रैकेट का पता लगाने में जुटी है। उनका मकसद सिर्फ इस पटवारी को पकड़ना नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों को बेनकाब करना है जो इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल हैं। भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना एसओजी की प्राथमिकता है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि योग्य अभ्यर्थी ही सरकारी नौकरी पाएं, न कि वे जो गलत तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

यह घटना दर्शाती है कि सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित परीक्षाओं में कितनी सख्ती बरतने की जरूरत है। एसओजी की यह कार्रवाई उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो सरकारी नौकरी पाने के लिए शॉर्टकट अपनाना चाहते हैं। जांच अभी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे फर्जीवाड़े का सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।

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