अनंतनाग आतंकी घटना के बाद श्रीनगर में बड़े पैमाने पर छापेमारी, 700 संदिग्ध हिरासत में

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श्रीनगर, 22 जुलाई: अनंतनाग में हाल ही में हुई आतंकी घटना के बाद, श्रीनगर पुलिस ने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरे जिले में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, लगभग 700 संदिग्ध 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGWs) को पूछताछ और सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया है। यह कदम विश्वसनीय खुफिया जानकारी और चल रही जांच के आधार पर उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन नेटवर्कों की पहचान करना और उन्हें निष्क्रिय करना है जो आतंकवादी संगठनों को लॉजिस्टिकल, आर्थिक, संचार, परिवहन और पनाह जैसी महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करते हैं।

पुलिस ने जिले के कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाए हैं। इसका मकसद सबूत इकट्ठा करना, संदिग्धों की पहचान करना और आतंकवादी तत्वों व उनके मददगारों द्वारा किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि को अंजाम देने की कोशिशों को रोकना है। यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा को मजबूत करने और देश-विरोधी तत्वों को मौजूदा हालात का फायदा उठाने से रोकने के लिए एक एहतियाती उपाय के तौर पर भी की जा रही है। श्रीनगर पुलिस नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाने के लिए तत्पर है।
श्रीनगर पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेटवर्कों को खत्म करने के लिए अन्य सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे खुफिया-आधारित ऑपरेशन जारी रहेंगे। पुलिस ने शांति बनाए रखने, कानून का शासन कायम रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई है।

अनंतनाग में हुई आतंकी घटना में एक जवान शहीद हो गया था। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डीजीपी नलिन प्रभात से बात कर हालात का जायजा लिया था। उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उपराज्यपाल ने कहा, "पूरा देश शहीद के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। मैं इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इस घिनौने कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद हैं और दोषियों को सजा दिलाएंगे।

'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGWs) वे लोग होते हैं जो सीधे तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं होते, लेकिन वे आतंकवादियों को छिपने की जगह, खाना-पीना, पैसे, या जानकारी जैसी मदद पहुंचाकर उनकी मदद करते हैं। ये लोग अक्सर आम नागरिकों की तरह दिखते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। पुलिस इन OGWs की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करती है ताकि आतंकवाद के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

यह छापेमारी श्रीनगर पुलिस की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। पुलिस का मानना है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सिर्फ आतंकवादियों पर कार्रवाई करना काफी नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों पर भी कार्रवाई जरूरी है जो उन्हें किसी भी तरह की मदद पहुंचाते हैं। इस तरह की व्यापक कार्रवाई से आतंकवादियों के लिए समर्थन जुटाना और अपनी गतिविधियों को अंजाम देना और भी मुश्किल हो जाएगा।

पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे तत्वों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। नागरिकों का सहयोग इस लड़ाई में बहुत महत्वपूर्ण है। पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा बनी रहे।

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