चीन के रोबोट पर अमेरिका की रोक: 'गार्ड एक्ट' से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बचाने की तैयारी

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वाशिंगटन, 25 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों ने मिलकर एक ऐसा विधेयक पेश किया है, जो चीन में बने इंसानों जैसे और चार पैरों वाले रोबोट को अमेरिका के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) का हिस्सा बनने से रोकेगा। सांसदों का कहना है कि चीन उसी तरह की रणनीति अपना रहा है, जिससे उसने दुनिया भर में ड्रोन बाजार पर कब्जा किया था। उनका मानना है कि इंटरनेट से जुड़े ये चीनी रोबोट भविष्य में जासूसी कर सकते हैं और जरूरी सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस 'गार्ड एक्ट' नाम के विधेयक पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी की कम्युनिकेशंस एंड टेक्नोलॉजी सब कमेटी में सुनवाई हुई। इस दौरान संचार सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्रॉडबैंड विस्तार और अवैध रोबोकॉल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

सांसदों का तर्क है कि अमेरिका को तब तक इंतजार नहीं करना चाहिए जब तक चीनी रोबोटिक्स तकनीक हमारे उद्योगों में पूरी तरह से न फैल जाए। उनका कहना है कि अभी कदम उठाना बहुत जरूरी है ताकि चीन में बने रोबोट अमेरिका के अहम क्षेत्रों में अपनी पैठ न बना सकें। समिति के अध्यक्ष ब्रेट गुथरी ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस पहले ही चीन की कंपनियों के दूरसंचार उपकरण और ड्रोन के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हम चीन जैसे दुश्मन देशों से आने वाले खतरों के प्रति हमेशा सतर्क रहते हैं। हम अमेरिका के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने हाल ही में सामने आई उन रिपोर्टों का भी जिक्र किया, जिनमें चीन से जुड़े एक कथित षड्यंत्र के तहत अमेरिका के संचार नेटवर्क को ठप करने की योजना का दावा किया गया था। इससे यह साफ होता है कि ऐसे सुरक्षा खतरे अभी भी बने हुए हैं।
एसोसिएशन फॉर अनक्रूड व्हीकल सिस्टम्स इंटरनेशनल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) माइकल रॉबिन्स ने अमेरिकी सांसदों से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चीन रोबोटिक्स के क्षेत्र में भी वही औद्योगिक रणनीति अपना रहा है, जिसका इस्तेमाल उसने ड्रोन उद्योग में दुनिया भर में अपनी बढ़त बनाने के लिए किया था। संसदीय पैनल के सामने रॉबिन्स ने कहा, "ड्रोन के क्षेत्र में चीन ने जिस रणनीति का इस्तेमाल किया था, अब वही तरीका रोबोटिक्स में अपनाया जा रहा है। इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों वाले रोबोट का बाजार अभी शुरुआती दौर में है।" उन्होंने चेतावनी दी कि चीनी कंपनियां पहले ही दुनिया भर में बनने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा अपने कब्जे में ले चुकी हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी शोध संस्थान भी धीरे-धीरे सरकारी सब्सिडी के कारण बहुत कम कीमत पर उपलब्ध चीनी रोबोटिक सिस्टम की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

रॉबिन्स ने एक गंभीर चिंता जताते हुए कहा, "एक छेड़छाड़ किया गया लैपटॉप डेटा लीक कर सकता है। लेकिन एक खराब (कॉम्प्रोमाइज्ड) रोबोट डेटा लीक कर सकता है और किसी फैक्ट्री, अस्पताल, पावर प्लांट या मिलिट्री बेस के अंदर घूम सकता है, वहां की निगरानी कर सकता है और शारीरिक रूप से काम भी कर सकता है। इसलिए, ऐसा हर सिस्टम अमेरिकी धरती पर एक ट्रोजन हॉर्स (एक तरह का हानिकारक कंप्यूटर प्रोग्राम) है।" उन्होंने कहा कि कार्रवाई में देरी करने से चीन की तकनीक पर हमारी निर्भरता बढ़ेगी और भविष्य में इसे रोकना और भी महंगा हो जाएगा। हम जितना ज्यादा इंतजार करेंगे, अमेरिका में इन रोबोट्स का इस्तेमाल उतना ही बढ़ेगा और बाद में नीति में बदलाव करना उतना ही मुश्किल हो जाएगा।

व्हाइट हाउस की पूर्व टेक्नोलॉजी सलाहकार लिंडसे गोरमन ने भी इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने साइबर सुरक्षा के माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने कहा, "AI साइबर हमलों के दायरे को बहुत बढ़ा रहा है और हमलावर के पक्ष में हमले और बचाव के बीच संतुलन को बदलने का खतरा है।" गोरमन ने सुझाव दिया कि अमेरिका को चीनी मॉडलों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लिए कम लागत वाले AI विकल्प विकसित करने चाहिए। साथ ही, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा, "अमेरिका को निर्यात के लिए कम लागत वाले विकल्प और अपने देश में एक जीवंत ओपन-सोर्स AI इकोसिस्टम की जरूरत है।" उन्होंने सांसदों को यह भी चेतावनी दी कि चीनी कंपनियां दुनिया भर में सस्ते AI मॉडल को बढ़ावा दे रही हैं और कई देश लागत के फायदे के कारण उन्हें अपना सकते हैं।

पूछताछ के दौरान, रॉबिन्स ने स्पष्ट किया कि मुख्य चिंताएं सिर्फ आर्थिक प्रतिस्पर्धा से कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने गवाही दी, "हमें पता है कि ये कनेक्टेड सिस्टम सीधे पीआरसी (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) को डेटा भेजते हैं। ये रोबोट सेंसर के जरिए मैपिंग, निगरानी और ऑडियो इकट्ठा कर रहे हैं।" उन्होंने चेतावनी दी कि सॉफ्टवेयर अपडेट या रिमोट एक्सेस के जरिए ये रोबोट जिस माहौल में काम कर रहे हैं, उसे भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। रॉबिन्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका को भरोसेमंद साझेदारों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, "जब हम चीन के तानाशाही पैमाने का सामना करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो हम अकेले किसी एक लोकतांत्रिक देश की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत होते हैं।" उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय साझेदारों को मुख्य सहयोगी बताया।

रोबोटिक्स के अलावा, इस सुनवाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए कम्युनिकेशन नेटवर्क को मजबूत करने, फेडरल ब्रॉडबैंड कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाने और गैर-कानूनी विदेशी रोबोकॉल से निपटने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। ये रोबोकॉल अक्सर विदेशों में चल रहे संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होते हैं।

सांसदों का यह कदम चीन की बढ़ती तकनीकी शक्ति और उसके संभावित सुरक्षा खतरों के प्रति अमेरिका की बढ़ती चिंता को दर्शाता है। 'गार्ड एक्ट' का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर चीनी तकनीक पर निर्भर न हो, खासकर उन रोबोट्स पर जो जासूसी या नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यह विधेयक चीन की उस रणनीति का मुकाबला करने की कोशिश है, जिसने उसे वैश्विक ड्रोन बाजार में अग्रणी बना दिया है। सांसदों का मानना है कि रोबोटिक्स के क्षेत्र में भी चीन वही तरीका अपना रहा है और अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

माइकल रॉबिन्स ने इस बात पर जोर दिया कि ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट का बाजार अभी अपनी शुरुआती अवस्था में है। यह एक ऐसा मौका है जब अमेरिका चीन को इस क्षेत्र में हावी होने से रोक सकता है। उन्होंने बताया कि कैसे चीनी कंपनियां पहले से ही ह्यूमनॉइड रोबोट के बाजार का एक बड़ा हिस्सा नियंत्रित कर रही हैं। यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि ये रोबोट सिर्फ डेटा लीक करने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक फैक्ट्री में काम करने वाला रोबोट, या एक अस्पताल में सेवा देने वाला रोबोट, अगर उसमें कोई खराबी या दुर्भावनापूर्ण कोड हो, तो वह गंभीर परिणाम दे सकता है।

लिंडसे गोरमन ने AI के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि AI कैसे साइबर हमलों को और अधिक शक्तिशाली और व्यापक बना रहा है। यह हमलावरों को बचाव करने वालों पर बढ़त दिला सकता है। इसलिए, अमेरिका को न केवल अपनी सुरक्षा मजबूत करनी होगी, बल्कि उसे कम लागत वाले AI विकल्प भी विकसित करने होंगे ताकि वह चीन के सस्ते मॉडलों का मुकाबला कर सके। भरोसेमंद सप्लाई चेन का मतलब है कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और सॉफ्टवेयर विश्वसनीय स्रोतों से आएं, न कि उन देशों से जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

रॉबिन्स ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन से आने वाले रोबोट सिर्फ तकनीकी खतरा नहीं हैं, बल्कि वे सीधे तौर पर चीन की सरकार को डेटा भेज सकते हैं। ये रोबोट अपने सेंसर के माध्यम से आसपास के माहौल की मैपिंग कर सकते हैं, निगरानी कर सकते हैं और आवाजें रिकॉर्ड कर सकते हैं। यह जानकारी चीन के लिए एक बड़ा खुफिया खजाना साबित हो सकती है। सॉफ्टवेयर अपडेट या रिमोट एक्सेस के जरिए इन रोबोट्स को नियंत्रित किया जा सकता है और उन्हें किसी भी तरह के नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर रॉबिन्स का जोर महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका अपने लोकतांत्रिक सहयोगियों के साथ मिलकर काम करता है, तो वह चीन के तानाशाही शासन के प्रभाव का मुकाबला करने में अधिक सक्षम होता है। जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने से एक मजबूत गठबंधन बनेगा जो चीन की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को संतुलित कर सकेगा।

रोबोटिक्स के अलावा, इस सुनवाई में AI के माध्यम से संचार नेटवर्क को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इसका मतलब है कि AI का उपयोग करके इंटरनेट और अन्य संचार प्रणालियों को अधिक कुशल और सुरक्षित बनाया जा सकता है। फेडरल ब्रॉडबैंड कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाने का मतलब है कि सरकार ब्रॉडबैंड इंटरनेट के विस्तार और प्रबंधन को अधिक प्रभावी ढंग से संभालेगी। गैर-कानूनी विदेशी रोबोकॉल से निपटना भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि ये कॉल अक्सर धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होते हैं।

कुल मिलाकर, यह विधेयक और इस पर हुई चर्चा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दर्शाता है कि अमेरिकी सांसद चीन की तकनीकी प्रगति के प्रति सचेत हैं और वे देश को संभावित खतरों से बचाने के लिए सक्रिय कदम उठाना चाहते हैं। यह विधेयक चीन की उस रणनीति को चुनौती देता है जिसने उसे कई तकनीकी क्षेत्रों में अग्रणी बना दिया है, और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि अमेरिका का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षित रहे।

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