मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'मन की बात' सुनी, मध्य प्रदेश में जल संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'मन की बात' सुनी, मध्य प्रदेश में जल संरक्षण पर जोर
NewsPoint•
भोपाल, 26 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 136वें संस्करण को सुना। इस दौरान उन्होंने 'कैच द रेन' अभियान को जन आंदोलन बनाने, अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम और खिलाड़ियों के प्रेरणादायी प्रदर्शन जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री के विचारों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर मध्य प्रदेश में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत लगातार तीसरे वर्ष महत्वपूर्ण काम हुए हैं, जिनका सकारात्मक असर 'कैच द रेन' अभियान पर भी दिखेगा। प्रधानमंत्री ने सीधी जिले में जनभागीदारी से हो रहे जल संरक्षण कार्यों की विशेष सराहना की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सीधी जिले में जल संरक्षण को विकास और आजीविका से जोड़ा गया है। इस अभियान के तहत जिले में 1,489 खेत तालाब बनाए गए हैं। इन तालाबों से बारिश का पानी जमा करने, भूजल स्तर बढ़ाने और सिंचाई की क्षमता में काफी सुधार हुआ है। इससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है।रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीधी जिले में अब तक 12,983 जल संरक्षण के काम पूरे हो चुके हैं। इन कामों से जिले की पानी जमा करने की क्षमता 13,573,874 घन मीटर से बढ़कर 18,056,486 घन मीटर हो गई है। यानी, 4,482,612 घन मीटर पानी ज्यादा जमा हो सकता है। इस अतिरिक्त क्षमता से लगभग 896 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन की सिंचाई की जा सकती है। साथ ही, करीब एक लाख लोगों की रोजमर्रा की पानी की जरूरतें भी पूरी हो सकती हैं।
सीधी जिले ने जल संरक्षण को कमाई का जरिया भी बनाया है। फिलहाल, 211 तालाबों में मछली पालन और 178 तालाबों में सिंघाड़े की खेती हो रही है। इन कामों से मछुआरा समूहों, स्वयं सहायता समूहों और किसानों को सीधे तौर पर लगभग 80 लाख रुपये का फायदा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' में 'कैच द रेन' अभियान को एक जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान बारिश के पानी को बचाने और उसका सही इस्तेमाल करने के लिए बहुत जरूरी है। यह अभियान न केवल पानी की कमी को दूर करेगा, बल्कि भूजल स्तर को भी बढ़ाएगा।
विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे देश को अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने देश के खिलाड़ियों के प्रेरणादायी प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन किया है। उनके ये प्रदर्शन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचारों से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश सरकार जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से प्रदेश में जल संकट को दूर करने और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सीधी जिले में जल संरक्षण के कार्यों को विकास और आजीविका से जोड़ने का मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनेगा। खेत तालाबों के निर्माण से जहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हुआ है, वहीं मत्स्य पालन और सिंघाड़े की खेती से उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि कैसे जल संरक्षण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।