प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में शीर्ष कंपनियों के सीईओ से की मुलाकात, भारत के मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में शीर्ष कंपनियों के सीईओ से की मुलाकात, भारत के मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम पर हुई चर्चा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में मिस्ट्रल एआई, एल्स्टॉम और सेंट-गोबेन जैसी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। उन्होंने भारत के बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम की जानकारी दी। कंपनियों ने भारत में निवेश और विस्तार की योजनाओं पर चर्चा की। भारत-फ्रांस साझेदारी को धरती की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
पेरिस, 18 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में कई बड़ी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। उन्होंने इन कंपनियों को भारत के तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन यानी नवाचार के क्षेत्र के बारे में बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने मिस्ट्रल एआई (Mistral AI) के को-फाउंडर और सीईओ आर्थर मेन्श से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत के बढ़ते एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम में मौजूद अवसरों के बारे में बताया। आर्थर मेन्श ने कहा कि मिस्ट्रल एआई (Mistral AI) भारत के साथ मिलकर काम करने और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने में बहुत रुचि रखता है। वे नवाचार को बढ़ावा देना चाहते हैं और एआई (AI) की क्षमताओं का विस्तार करना चाहते हैं।इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने एल्स्टॉम (Alstom) के सीईओ मार्टिन सियन से भी मुलाकात की। उनकी बातचीत मोबिलिटी यानी आवागमन और रेलवे के आधुनिकीकरण के अवसरों पर केंद्रित रही। प्रवक्ता जायसवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में एल्स्टॉम (Alstom) के बड़े निवेश और मैन्युफैक्चरिंग यानी उत्पादन की मौजूदगी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इससे नौकरियां पैदा हो रही हैं और भारत के रेल सेक्टर के विकास में मदद मिल रही है। मार्टिन सियन ने भारत में और विस्तार और निवेश के लिए एल्स्टॉम (Alstom) की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
प्रधानमंत्री ने सेंट-गोबेन (Saint-Gobain) के चेयरमैन और सीईओ बेनोइट बाजिन से भी मुलाकात की। यह बातचीत सामग्री (materials) और कंस्ट्रक्शन यानी निर्माण क्षेत्र में अवसरों पर केंद्रित थी। इसमें स्थिरता (sustainability) यानी पर्यावरण का ध्यान रखने पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि पीएम मोदी ने भारत में सेंट-गोबेन (Saint-Gobain) की मजबूत मौजूदगी और निवेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय युवाओं के लिए मौके बन रहे हैं। चेयरमैन और सीईओ बाजिन ने भारत में और निवेश और विस्तार के लिए सेंट-गोबेन (Saint-Gobain) की योजनाओं के बारे में बताया।
इससे पहले दिन में, पीएम मोदी ने कहा था कि "भारत-फ्रांस की साझेदारी धरती की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है"। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा था, “कुछ देर पहले ही पेरिस पहुंचा, जहां भारतीय समुदाय के लोगों ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। मुझे India और France को करीब लाने की उनकी कोशिशों पर गर्व है। भारत-फ्रांस की साझेदारी हमारी धरती की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है।”
प्रधानमंत्री मोदी की यह मुलाकातें भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन मुलाकातों से भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने और नई तकनीकों के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रेलवे और निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमताएं बढ़ेंगी।
मिस्ट्रल एआई (Mistral AI) जैसी कंपनियां भारत के एआई (AI) इकोसिस्टम में निवेश करके नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती हैं। इसी तरह, एल्स्टॉम (Alstom) जैसी कंपनियां भारत के रेलवे को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सेंट-गोबेन (Saint-Gobain) जैसी कंपनियां निर्माण क्षेत्र में टिकाऊ समाधान प्रदान कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच मजबूत साझेदारी दुनिया की तरक्की के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।
यह यात्रा भारत की 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' जैसी पहलों को और मजबूत करेगी। विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी से भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और तकनीकी विकास को गति मिलेगी। यह दिखाता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।