जदयू नेता राजीव रंजन ने पीएम मोदी की जी7 में तारीफ और यूपी की राजनीति पर की बात

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जदयू नेता राजीव रंजन ने जी7 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि दुनिया के नेता पीएम मोदी के व्यक्तित्व से प्रभावित हैं। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक दावों पर उन्होंने कहा कि सपा जैसी पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है। नीट-यूजी मामले पर उन्होंने कहा कि टेलीग्राम के पास न्यायिक विकल्प हैं।

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पटना, 18 जून (आईएएनएस)। जदयू नेता राजीव रंजन ने गुरुवार को जी7 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ, उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों और नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ी जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व दुनिया भर के नेताओं को भाता है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हैं। राजीव रंजन ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के राजनीतिक दावों पर उन्होंने कहा कि हालिया राजनीतिक उठापटक को देखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) में भी ऐसी उथल-पुथल हो सकती है, क्योंकि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है और अखिलेश यादव का नेताओं से जुड़ाव कमजोर है।

राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मजबूत इरादों के लिए जाने जाते हैं। वे मुश्किल हालात में भी संतुलन बनाना और रणनीति बनाना बखूबी जानते हैं। यही वजह है कि ट्रंप जैसे बड़े नेता भी पीएम मोदी की तारीफ करते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जो हुआ, उससे पहले आम आदमी पार्टी (आप) और शिवसेना (यूबीटी) में भी टूट देखी गई है। सपा और आप जैसी पार्टियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है। अखिलेश यादव का पार्टी के नेताओं से तालमेल उतना अच्छा नहीं है। ऐसे में अगर सपा को किसी भी तरह की उथल-पुथल का सामना करना पड़े तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी।
उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), शिवसेना (यूबीटी) और सपा जैसी पार्टियों की बनावट और फैसले लेने के एकतरफा तरीके से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इस वजह से जेएमएम में भी टूट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

जी7 बैठक के बारे में बात करते हुए राजीव रंजन ने कहा कि पीएम मोदी ने 'ग्लोबल साउथ' की बात उठाई। उन्होंने दुनिया के सभी देशों को बराबरी के स्तर पर लाकर रणनीतिक व्यापारिक साझेदारियां बनाने और सबको साथ लेकर चलने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने बहुत ही संयमित तरीके से अपनी बात रखी और सबको भरोसे में लेकर आगे बढ़ने की वकालत की।

टेलीग्राम और नीट-यूजी परीक्षा मामले पर राजीव रंजन ने कहा कि टेलीग्राम के पास न्यायिक विकल्प हैं और वे उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जिस तरह से गड़बड़ी की शिकायतें आई हैं, उसके बाद केंद्र सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उसमें टेलीग्राम पर रोक लगाने का फैसला भी शामिल है। यह कदम परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम मोदी की विदेश नीति में सबको साथ लेकर चलने का नजरिया झलकता है। जी7 जैसे मंचों पर भी उन्होंने 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को बुलंद किया, जो दर्शाता है कि वे किसी एक गुट के बजाय पूरी दुनिया के विकास की बात करते हैं। यह एक परिपक्व और जिम्मेदार नेतृत्व का प्रतीक है।

राजीव रंजन ने कहा कि राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव भविष्य में उनके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। जब तक नेता अपने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से जुड़ाव नहीं रखेंगे, तब तक पार्टी का ढांचा कमजोर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सपा या आप की बात नहीं है, बल्कि कई पार्टियों में यह समस्या देखी जा रही है।

नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ी पर उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बहुत जरूरी है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टेलीग्राम पर रोक का फैसला भी इसी दिशा में एक कदम है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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