भारतीय शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन तेजी के साथ बंद, सेंसेक्स 77,409.98 और निफ्टी 24,168.00 पर, हेल्थकेयर और रियल्टी में बढ़त
भारतीय शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन तेजी के साथ बंद, सेंसेक्स 77,409.98 और निफ्टी 24,168.00 पर, हेल्थकेयर और रियल्टी में बढ़त
NewsPoint•
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार पांचवें दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी देखी गई। हेल्थकेयर और रियल्टी सेक्टर ने बाजार को मजबूती दी। हालांकि, कुछ सेक्टरों में गिरावट भी आई। बाजार के जानकारों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार ने सीमित दायरे में सकारात्मक रुख दिखाया। निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।
मुंबई, 18 जून (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को लगातार पांचवें दिन बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक बढ़कर 24,168.00 पर बंद हुआ। इस तेजी में लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी शामिल रहे। हेल्थकेयर और रियल्टी सेक्टर ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया।
बाजार में गुरुवार को सकारात्मक माहौल रहा। सेंसेक्स 0.33% की मजबूती के साथ 77,409.98 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.34% की बढ़त के साथ 24,168.00 पर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.41% बढ़कर 62,379.25 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.44% की तेजी के साथ 18,705.60 पर बंद हुआ।बाजार में तेजी का नेतृत्व हेल्थकेयर और रियल्टी सेक्टर ने किया। निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी रियल्टी सूचकांकों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया। इसके अलावा, निफ्टी पीएसई, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी सर्विसेज में भी तेजी रही। हालांकि, निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयलएंडगैस में गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, ट्रेंट, बीईएल, एनटीपीसी, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, एचयूएल, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, एमएंडएम और आईटीसी के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टीसीएस, एलएंडटी, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन और भारती एयरटेल के शेयरों में गिरावट आई।
बाजार के जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार ने गुरुवार को एक सीमित दायरे में सकारात्मक कारोबार किया। अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर शुरूआती उत्साह, यूएस फेड के सख्त बयानों के कारण कुछ कम हो गया। ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। इससे केंद्रीय बैंक साल के आखिरी हिस्से में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। ऐसे में निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड यील्ड में नरमी से वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में महंगाई से जुड़ी चिंताएं कम हो सकती हैं। लेकिन बाजार अभी शांति समझौते पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहा है।