राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय राउत का बड़ा सवाल, क्या सांसदों को खरीदने में हो रहा है चंदे का इस्तेमाल?
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय राउत का बड़ा सवाल, क्या सांसदों को खरीदने में हो रहा है चंदे का इस्तेमाल?
NewsPoint•
मुंबई, 26 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चंदे के मुख्य आरोपी अभी भी ट्रस्ट में काम कर रहे हैं और इस पैसे का इस्तेमाल सांसदों को खरीदने और राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। राउत ने यह भी कहा कि ऑपरेशन टाइगर के तहत शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों का एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होना कोई बड़ी बात नहीं है और उन्होंने इसे "ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल" करार दिया।
संजय राउत ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, मुख्य आरोपी अभी भी ट्रस्ट में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग खुद को 'हिंदुत्ववादी' कहते हैं, वे मंदिर से करोड़ों रुपये चुराते हैं। यह पैसा राजनीति में इस्तेमाल होता है, जहां इसका उपयोग सांसदों को खरीदने और राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए किया जाता है।" राउत ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राम मंदिर से चुराए गए 2000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने के लिए किया गया।शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत कुछ भी खास नहीं हुआ है। राउत ने कहा, "आप टाइगर को बदनाम मत करो। एक तो मान लिया ना? हम सब लोग आज भी टाइगर हैं। अगर हम टाइगर हैं, तो जो आपके साथ चले गए वह कौन हैं? लोमड़ी है। आप लोग लोमड़ी हैं, हम टाइगर हैं। आप टाइगर के आस-पास नहीं जा सकते हो, इसीलिए लोगों को वाई प्लस की सुरक्षा दी गई है।" उन्होंने आगे कहा कि लोगों को असली टाइगर से डरना चाहिए, क्योंकि वे आपको खा सकते हैं।
राउत ने एकनाथ शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सुरक्षा और मंत्रालय में बैठकर बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्हें अपनी पार्टी बनानी चाहिए। राउत ने जोर देकर कहा, "शिवसेना हमारी पार्टी है, वह आप लोगों की नहीं है। आपने सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आशीर्वाद से हमारी पार्टी ले ली है। आप पहले खुद का सिंबल लेकर चुनाव लड़ें, उसके बाद हमसे बात करना।"
संजय राउत ने 'ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल' की बात पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गद्दार तो चले गए, तो अब नुकसान क्या है? उन्होंने कहा कि वहां जो लाखों कार्यकर्ता हैं, जो वफादार हैं, निष्ठावान हैं, उनमें से एक भी शिवसैनिक इन गद्दार सांसदों के साथ नहीं गया है। इसलिए, उनसे मिलना हमारा कर्तव्य है, हमारा काम है, हम जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र में पांचों जगहों पर जाएंगे। एक मुंबई में है, जहां वे जाकर आए हैं।
यह पूरा मामला राम मंदिर के निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। शिवसेना (यूबीटी) का आरोप है कि इस पैसे का दुरुपयोग राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। संजय राउत ने इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। उन्होंने 'ऑपरेशन टाइगर' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके राजनीतिक दल-बदल को भी निशाना बनाया है। राउत का कहना है कि असली शिवसैनिक अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ हैं और एकनाथ शिंदे गुट ने पार्टी पर अवैध कब्जा किया है।