अमित शाह की अध्यक्षता में नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर की 10वीं बैठक, ड्रग तस्करी पर होगी चर्चा
अमित शाह की अध्यक्षता में नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर की 10वीं बैठक, ड्रग तस्करी पर होगी चर्चा
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नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, शुक्रवार को नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश भर में नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग से निपटने के प्रयासों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें और मजबूत बनाया जाएगा। गृह मंत्रालय (एमएचए) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ड्रग कानून लागू करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक के दौरान, गृह मंत्री अमित शाह 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029' जारी करेंगे, जो विभिन्न हितधारकों से विस्तृत चर्चा के बाद तैयार किया गया है। यह विजन डॉक्यूमेंट देश में नशीली दवाओं की समस्या से निपटने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करेगा, जिसमें नशीली दवाओं की मांग को कम करने, आपूर्ति को रोकने और नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह विजन डॉक्यूमेंट नई और उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए रणनीतियां भी पेश करेगा। इसमें सिंथेटिक ड्रग्स (कृत्रिम रूप से बनाए गए नशीले पदार्थ) और डार्कनेट (इंटरनेट का एक गुप्त हिस्सा) के माध्यम से होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी जैसे बढ़ते खतरों से निपटने के उपाय शामिल होंगे। इसके अलावा, यह नशीली दवाओं के सेवन से प्रभावित लोगों के लिए जागरूकता अभियान चलाने, बेहतर इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराने और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक ढांचा भी प्रदान करेगा।गृह मंत्री अमित शाह इस अवसर पर एनसीबी की सालाना रिपोर्ट 2025 भी जारी करेंगे। साथ ही, वे जम्मू और गुवाहाटी में नव निर्मित एनसीबी जोनल ऑफिस का उद्घाटन भी करेंगे। इन नए कार्यालयों से इन क्षेत्रों में नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत, अमित शाह 'ऑनलाइन ड्रग डिस्पोजल फोर्टनाइट कैंपेन' की शुरुआत करेंगे। इस अभियान के तहत, पूरे देश में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए लगभग 6,000 करोड़ रुपये मूल्य के करीब 2,09,500 किलोग्राम जब्त किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाएगा। यह कदम नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर एक बड़ा प्रहार होगा।
गृह मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ केंद्र सरकार की 'जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी' (किसी भी तरह की बर्दाश्त न करने की नीति) को और मजबूत करना है। साथ ही, यह 'ड्रग-फ्री इंडिया' (नशा मुक्त भारत) के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे पहले, 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस' के अवसर पर, गृह मंत्री अमित शाह ने देश में नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में शामिल सभी लोगों को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा था, "नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर, ड्रग्स के खिलाफ हमारी राष्ट्रीय लड़ाई में शामिल सभी योद्धाओं को शुभकामनाएं। मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है; नारको-कार्टेल्स को बेरहमी से खत्म किया है और प्रभावित लोगों को वह देखभाल और सहानुभूति दी है जिसके वे हकदार हैं। यह दिन हमारी युवा पीढ़ी को ड्रग्स से बचाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।"
यह बैठक और इसके साथ शुरू की जा रही पहलें देश को नशीली दवाओं के अभिशाप से मुक्त कराने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती हैं। सिंथेटिक ड्रग्स और ऑनलाइन तस्करी जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए एक सुनियोजित रणनीति और मजबूत कार्यान्वयन की आवश्यकता है, जिस पर यह विजन डॉक्यूमेंट प्रकाश डालेगा। नशीली दवाओं के आदी लोगों के पुनर्वास पर जोर देना भी एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो समाज में उनके पुन: एकीकरण में मदद करेगा। जब्त किए गए नशीले पदार्थों को बड़ी मात्रा में नष्ट करना न केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि यह अवैध बाजार में उनकी उपलब्धता को भी कम करता है। कुल मिलाकर, यह बैठक और इससे जुड़ी गतिविधियां भारत को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगी।