ओपनएआई आईपीओ में देरी की रिपोर्ट से सॉफ्टबैंक के शेयरों में 13% की गिरावट
ओपनएआई आईपीओ में देरी की रिपोर्ट से सॉफ्टबैंक के शेयरों में 13% की गिरावट
NewsPoint•
टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में 13% की भारी गिरावट आई है। यह गिरावट ओपनएआई के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) में देरी की खबरों के कारण हुई है। यह पिछले तीन महीनों में सॉफ्टबैंक के शेयरों में इंट्राडे में हुई सबसे बड़ी गिरावट है। ओपनएआई की लिस्टिंग से सॉफ्टबैंक के निवेशित टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद थी।
ओपनएआई के सलाहकारों ने चेतावनी दी है कि टेक्नोलॉजी शेयरों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण पब्लिक ऑफरिंग में निवेशकों की दिलचस्पी कम हो सकती है। इस वजह से आईपीओ अगले साल तक टल सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर तक सॉफ्टबैंक का चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई में निवेश लगभग 65 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।हाल के महीनों में ओपनएआई की जल्द लिस्टिंग की उम्मीदों ने सॉफ्टबैंक के शेयरों को खूब चढ़ाया था। इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण टोयोटा मोटर से भी ज्यादा हो गया था। ओपनएआई की पब्लिक लिस्टिंग सॉफ्टबैंक के लिए बहुत अहम मानी जा रही थी। इससे उसके सबसे बड़े निवेशों में से एक की मार्केट वैल्यू का पता चल पाता। साथ ही, निवेशकों के लिए ग्रुप की प्राइवेट टेक्नोलॉजी कंपनियों के बड़े पोर्टफोलियो की वैल्यू का अंदाजा लगाना भी आसान हो जाता।
मार्केट के जानकारों का मानना है कि ऐसी लिस्टिंग से सॉफ्टबैंक के शेयरों की वैल्यूएशन में जो डिस्काउंट (कम कीमत) आमतौर पर दिखता है, वह कम हो सकता है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि कंपनी के निवेश की वैल्यू को लेकर अनिश्चितता कम हो जाएगी।
ओपनएआई, जिसके सीईओ सैम ऑल्टमैन हैं, ने हाल ही में आईपीओ के लिए यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के पास गोपनीय दस्तावेज जमा किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ओपनएआई संभावित लिस्टिंग के लिए गोल्डमैन सैश और मॉर्गन स्टेनली के साथ काम कर रही है। हालांकि, लिस्टिंग कब होगी, इस बारे में अभी कोई पक्की जानकारी नहीं है।
सॉफ्टबैंक का यह निवेश ओपनएआई के लिए भी महत्वपूर्ण है। ओपनएआई, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक लीडिंग कंपनी है, अपनी टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाने और विस्तार करने के लिए फंड जुटाना चाहती है। आईपीओ से मिलने वाला पैसा कंपनी को रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश करने में मदद करेगा।
टेक्नोलॉजी शेयरों में अस्थिरता एक बड़ी चिंता का विषय है। हाल के समय में कई टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में बड़े उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। ऐसे माहौल में निवेशक किसी भी नए आईपीओ में पैसा लगाने से पहले काफी सतर्क रहते हैं। ओपनएआई के सलाहकारों की यह चेतावनी इसी चिंता को दर्शाती है।
सॉफ्टबैंक का पोर्टफोलियो काफी बड़ा है और इसमें कई प्राइवेट टेक्नोलॉजी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों का सही वैल्यूएशन पता लगाना अक्सर मुश्किल होता है। ओपनएआई जैसी बड़ी कंपनी की लिस्टिंग से सॉफ्टबैंक को अपने पोर्टफोलियो की वैल्यू को बेहतर ढंग से समझने और प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी। यह निवेशकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत होगा।
ओपनएआई का आईपीओ अगर टल जाता है, तो सॉफ्टबैंक को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी के पास अभी भी कई अन्य निवेश हैं जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। सॉफ्टबैंक का लक्ष्य हमेशा से ही टेक्नोलॉजी में भविष्य की कंपनियों में निवेश करना रहा है, और ओपनएआई उनमें से एक प्रमुख निवेश है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि ओपनएआई की लिस्टिंग का भविष्य क्या होता है और इसका सॉफ्टबैंक के शेयरों पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें ओपनएआई की अगली चाल पर टिकी हैं।