सीबीआई ने पीएनबी मैनेजर को आगरा में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, 19 सोलर पैनल लोन फाइलों का मामला
सीबीआई ने पीएनबी मैनेजर को आगरा में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, 19 सोलर पैनल लोन फाइलों का मामला
NewsPoint•
नई दिल्ली, 26 जून। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की भद्रौली शाखा, बरहन के मैनेजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। यह मैनेजर 19 सोलर पैनल लोन फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रति फाइल 7,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और मैनेजर को पहली किस्त के तौर पर 30,000 रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 25 जून को हुई और मामले की जांच अभी जारी है।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला एक निजी कंपनी में काम करने वाले शिकायतकर्ता की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि बैंक मैनेजर करीब 19 सोलर पैनल लोन फाइलों को प्रोसेस करने और मंजूरी देने के लिए हर फाइल पर 7,000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। बातचीत के बाद, मैनेजर 19 लोन फाइलों को क्लियर करने के बदले कुल 52,000 रुपये रिश्वत लेने को तैयार हो गया था।सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये सभी 19 लोन फाइलें बैंक द्वारा पहले से ही विधिवत स्वीकृत की जा चुकी थीं। इसके बावजूद, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद, सीबीआई ने तुरंत कार्रवाई की और एक जाल बिछाया। उन्होंने आरोपी मैनेजर को शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 30,000 रुपये मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
सीबीआई ने आरोपी बैंक मैनेजर को 25 जून को गिरफ्तार किया। उसे शुक्रवार को गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
यह कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले 22 जून को भी सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई की थी। तब उन्होंने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), रामगढ़ (झारखंड) के बरका सयाल एरिया के सौंदा स्थित रीजनल स्टोर के चीफ स्टोर कीपर को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथ पकड़ा था। उस मामले में भी शिकायत मिलने पर कार्रवाई हुई थी। आरोप था कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह रिश्वत शिकायतकर्ता को उसकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए हल्के काम सौंपकर सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी जारी रखने देने के बदले मांगी गई थी।
सीबीआई लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखे हुए है। ऐसे मामले आम लोगों के भरोसे को ठेस पहुंचाते हैं और सरकारी संस्थानों की छवि को भी खराब करते हैं। बैंक मैनेजरों और सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगना एक गंभीर अपराध है और सीबीआई ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई कर रही है। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि सरकारी तंत्र में कुछ लोग अपनी जिम्मेदारियों का गलत फायदा उठा रहे हैं। सीबीआई की यह कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए एक चेतावनी है।