फीफा वर्ल्ड कप 2026: तुर्किये ने अमेरिका को 3 2 से हराया, गुलर बने सबसे युवा गोल स्कोरर
फीफा वर्ल्ड कप 2026: तुर्किये ने अमेरिका को 3-2 से हराया, गुलर बने सबसे युवा गोल स्कोरर
NewsPoint•
लॉस एंजिल्स, 26 जून। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप डी के आखिरी और रोमांचक मुकाबले में तुर्किये ने मेजबान अमेरिका को 3-2 से हराकर सबको चौंका दिया। भले ही तुर्किये पहले ही नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो चुका था, लेकिन उसने इस जीत के साथ अपने अभियान का शानदार अंत किया। वहीं, अमेरिका पहले ही ग्रुप में टॉप पर रहते हुए अगले राउंड में पहुंच चुका था।
अमेरिका के कोच मौरिसियो पोचेटिनो ने ग्रुप में पहला स्थान पक्का होने के कारण अपनी टीम में कई बड़े बदलाव किए। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने वाली टीम के नौ खिलाड़ियों को आराम दिया। दूसरी ओर, तुर्किये के खिलाड़ी सम्मान के लिए मैदान पर उतरे और पूरे मैच में गजब का जज्बा दिखाया।मैच की शुरुआत अमेरिका के लिए बेहद शानदार रही। खेल शुरू होने के महज़ 2 मिनट और 13 सेकंड में ही ऑस्टन ट्रस्टी ने सेबेस्टियन बरहाल्टर के कॉर्नर पर शानदार गोल करके अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल अमेरिका के लिए वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज गोल था। इससे पहले, 2014 में क्लिंट डेम्पसी ने घाना के खिलाफ सिर्फ 30 सेकंड में गोल दागकर यह रिकॉर्ड बनाया था।
0-1 से पिछड़ने के बाद तुर्किये ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी की। सात मिनट बाद, युवा स्टार अर्दा गुलर ने बारिस यिलमाज के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए गोल किया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ ही गुलर तुर्किये के लिए वर्ल्ड कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।
पहले हाफ में खेल के 30 मिनट बीतने के बाद तुर्किये ने एक और गोल करके मैच में फिर से अपनी बढ़त बना ली। एरेन एल्माली के शानदार पास को बारिस यिलमाज ने गोल में बदलकर स्कोर 2-1 कर दिया।
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही अमेरिका ने एक बार फिर मुकाबले में वापसी की। 48वें मिनट में सेबेस्टियन बरहाल्टर ने बॉक्स के बाहर से एक शानदार लंबी दूरी का शॉट लगाया, जो गोलकीपर को चकमा देते हुए सीधे गोल पोस्ट में जा गिरा। इस गोल के साथ ही स्कोर 2-2 हो गया। बरहाल्टर ने इस मैच में एक गोल किया और एक असिस्ट भी दिया। इसके साथ ही, वह 1966 के बाद वर्ल्ड कप के एक ही मैच में गोल और असिस्ट करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए। उनका यह गोल इस टूर्नामेंट में अमेरिका का आठवां गोल भी था, जो किसी एक वर्ल्ड कप में टीम का नया रिकॉर्ड है।
इसके बाद, दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए लगातार हमले किए। अमेरिका के स्टार खिलाड़ी क्रिश्चियन Policeिक ने भी कई अच्छे मौके बनाए, लेकिन तुर्किये के डिफेंस ने दमदार प्रदर्शन करते हुए उन्हें रोका। जब मैच ड्रॉ की तरफ बढ़ता हुआ दिख रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम के आठवें मिनट में कान अयहान ने निर्णायक गोल करके तुर्किये की यादगार जीत पर मुहर लगा दी। यह जीत तुर्किये के लिए बेहद खास रही, क्योंकि उन्होंने एक मजबूत टीम के खिलाफ शानदार खेल दिखाया।