असम में नशा तस्करी के खिलाफ CM हिमंता बिस्वा सरमा का सख्त अभियान जारी, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा पर जोर

NewsPoint
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गुवाहाटी, 26 जून। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस के मौके पर असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में नशे और ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ मुहिम को और तेज करने का पक्का इरादा जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए नशे के खिलाफ लगातार और कड़े कदम उठाती रहेगी। Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हम अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस मना रहे हैं। हमारी Government इस मामले पर गंभीरता से काम कर रही है और नशे के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशे की समस्या समाज के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। इसलिए राज्य Government उन ड्रग्स नेटवर्क को खत्म करने में जुटी है जो असम में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं। Chief Minister ने कहा, “हम अपने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और उन्हें इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

पिछले कुछ सालों में असम Government ने नशे के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया है। इस दौरान असम Police और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर कई ड्रग तस्करों को पकड़ा है। साथ ही, बड़ी मात्रा में हेरोइन, मेथामफेटामाइन की गोलियां, गांजा और दूसरी नशीली चीजें भी जब्त की गई हैं। राज्य Government का कहना है कि असम की भौगोलिक स्थिति इसे ड्रग तस्करों के लिए आसान निशाना बनाती है। असम की सीमाएं भूटान और बांग्लादेश से मिलती हैं, और यह पूर्वोत्तर India का प्रवेश द्वार भी है। इसके अलावा, बदनाम ‘गोल्डन ट्रायंगल’ इलाके से चलने वाले ड्रग तस्करी नेटवर्क का असर भी इस क्षेत्र पर पड़ता है। इसी वजह से Government ने मादक पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। इस नीति में सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के अभियान और नशा छोड़ने व इलाज के कार्यक्रम भी शामिल हैं।
हर साल 26 जून को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद दुनिया को नशे से मुक्त बनाने के लिए पूरी दुनिया में मिलकर काम करना है। साथ ही, लोगों को नशे के बुरे असर के बारे में बताना और नशे को रोकने, उसका इलाज करने और लोगों को फिर से समाज में लाने के प्रयासों को मजबूत करना है।

Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी Government नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अभियान नहीं है, बल्कि समाज को बचाने का एक मिशन है। उन्होंने यह भी बताया कि असम Police और सुरक्षा एजेंसियां लगातार ड्रग्स के नए रास्तों का पता लगा रही हैं और उन्हें बंद कर रही हैं। Chief Minister ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और एक स्वस्थ जीवन जिएं। उन्होंने कहा कि Government नशे के खिलाफ लड़ाई में जनता के सहयोग की भी उम्मीद करती है।

असम Government ने यह भी साफ किया है कि ड्रग्स के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो। Government का मानना है कि नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के हर वर्ग का साथ जरूरी है। इसलिए, Government स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम चला रही है ताकि युवा पीढ़ी नशे के जाल में न फंसे। पुनर्वास केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है ताकि जो लोग नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उन्हें सही इलाज और सहारा मिल सके।

यह समझना जरूरी है कि ‘गोल्डन ट्रायंगल’ एक ऐसा इलाका है जो म्यांमार, थाईलैंड और लाओस के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनता है। यह दुनिया में अफीम और हेरोइन के सबसे बड़े उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, और यहां से ड्रग्स की तस्करी दुनिया भर में होती है। असम की भौगोलिक स्थिति के कारण यह इलाका ड्रग तस्करों के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता बन जाता है। Government इसी चुनौती से निपटने के लिए अपनी रणनीति को लगातार बेहतर बना रही है।

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